आनरा गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित
पीठ पर सामान लेकर पहले पैदल सफर, फिर पार करनी पड़ रही नदी
किसानों को नकदी फसलों को सड़क तक पहुंचाना बना टेढ़ी खीर
संवाद न्यूज एजेंसी
नघेता (सिरमौर)। सड़कें किसी भी क्षेत्र की भाग्य रेखाएं कहलाती हैं। जहां पर बेहतर सड़क सुविधा है, वहां का विकास संभव है। सिरमौर जिले के आंजभोज क्षेत्र की बनौर पंचायत का आनरा गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है। लोगों को पहले तीन किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। उसके बाद टौंस नदी पार करनी पड़ रहीं है। बरसात में तो हालत और भी खराब हो जाती है। टौंस नदी उफान पर रहती है। ऐसे में गांव का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट जाता है।
गांव के बच्चे भी करीब ढाई किलोमीटर पैदल चलकर बनौर स्कूल पहुंचते हैं। बरसात में चारों तरफ नदी नालों के उफान पर रहने से उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है। उपमंडल पांवटा साहिब के अंतर्गत आने वाले इस गांव में किसान मुख्यत: नकदी फसलें उगाते हैं। इनकी आय का साधन भी यही फसलें हैं।
गांव में अदरक, लहसुन, टमाटर, राजमा समेत अन्य नगदी फसलें उगाई जा रही हैं। किसानों के पास उत्पादन भरपूर मात्रा में होता है लेकिन उन्हें टौंस नदी पार कर उत्तराखंड की मंडी तक पहुंचाना किसानों के लिए टेढ़ी खीर साबित होती है। कई मर्तबा तो सब्जियां व फसलें घर में ही खराब हो जाती हैं।
स्थानीय कृषक ज्ञान सिंह, नेत्र सिंह, राहुल कपूर, श्याम सिंह, उमा देवी, आर्यन, शादी राम ने बताया कि जब चुनाव होते हैं तब नेता सिर्फ वायदे ही करते हैं। उसके बाद उनकी कोई खैर खबर नहीं लेता। लोग कई मर्तबा सरकार और स्थानीय नुमाइंदों से गांव के लिए सड़क सुविधा मुहैया करवाने के लिए आग्रह कर चुके हैं लेकिन सिवाए आश्वासनों के अभी तक कुछ नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि यहां से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर टौंस नदी पर ज्योन पुल है, जो हिमाचल और उत्तराखंड की सीमाओं को जोड़ता है। इस गांव से यहां के लिए सड़क निर्माण का काम शुरू भी हो गया था, जो बाद में बंद हो गया।
उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी समस्या बरसात के मौसम में आती है जब चारों तरफ नदी नाले उफान पर होते हैं। उनको बरसात में 6 महीने का राशन पहले ही रखना पड़ता है। किसी व्यक्ति के बीमार होने की सूरत में उसे अस्पताल ले जाने के लिए कोई सुविधा नहीं है।
लोक निर्माण विभाग शिलाई मंडल के अधिशासी अभियंता रजनीश बंसल ने बताया कि आनरा गांव के लिए सड़क निर्माण को लेकर एफआरए अनुमति को लेकर प्रक्रिया चल रही है। इसके सभी दस्तावेज संबंधित विभाग को भेजे गए हैं। अनुमति मिलने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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