बनौर स्कूल में शिक्षकों का टोटा, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित
स्कूल में स्वीकृत 16 में से 8 पद रिक्त, 300 बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
स्कूल में प्रधानाचार्य समेत महत्वपूर्ण शिक्षकों के पद रिक्त, जुगाड़ से चल रही शिक्षा
अभिभावकों ने कई बार सौंपे ज्ञापन लेकिन नहीं मिले शिक्षक, बच्चों के भविष्य पर चिंता
आदेश शर्मा
पुरूवाला (सिरमौर)। शहीद राजेंद्र सिंह मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बनौर में काफी समय से प्रधानाचार्य सहित कई अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर हो रहा है। मुख्यत: यहां पर प्रधानाचार्य का पद रिक्त है जिस कारण स्कूल के कई कार्य रुके हुए हैं। जानकारी के अनुसार इस स्कूल में 16 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से 8 पद खाली चले हुए हैं।
गौर हो कि यह स्कूल पांवटा विधानसभा के अंतिम गांव बनौर में स्थित है। इस स्कूल में दर्जनों गांव के विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। वर्तमान समय में लगभग 300 विद्यार्थी यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रधानाचार्य समेत कई महत्वपूर्ण शिक्षकों के पद रिक्त होने के कारण विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिलने पर भी संदेह है।
स्कूल में रिक्त चल रहे प्रधानाचार्य, टीजीटी मेडिकल, टीजीटी नॉन मेडिकल, अर्थशास्त्र समेत दूसरे पदों को लेकर स्कूल प्रबंधन समिति ने कई-कई बार मांग पत्र दिए हैं, लेकिन आज तक यह पद नहीं भरे गए हैं। इससे अभिभावकों में भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गहरा रोष उत्पन्न है।
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क्या कहते हैं कार्यवाहक प्रधानाचार्य
1. कार्यवाहक प्रधानाचार्य और अंग्रेजी के प्रवक्ता नेतर चौहान ने कहा कि स्कूल लगातार नई बुलंदियां छू रहा है मगर कुछ समय से अध्यापकों के पद रिक्त हैं। जिस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि मार्च में बच्चों के बोर्ड की परीक्षाएं भी होनी हैं। रिक्त पदों की सूची उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
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2. एसएमसी प्रधान दया राम चौहान ने बताया कि एसएमसी के माध्यम से स्कूल में अध्यापकों की नियुक्ति को लेकर कई बार ज्ञापन दिए गए हैं लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई इस बारे में नहीं हुई है।
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3. ग्रामवासी सुंदर शर्मा ने बताया कि कई गांव का यह एकमात्र स्कूल है। यहां अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामवासी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में या दूर दराज के स्कूलों में पढ़ने के लिए नहीं भेज सकते हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह है कि यहां जल्दी से जल्दी अध्यापकों की नियुक्ति हो।
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4. ग्रामवासी बबिता ने कहा कि उनके बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। शिक्षा मंत्री और सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि स्कूल में रिक्त पड़े स्टाफ को अविलंब पूरा किया जाए ताकि उनके बच्चों का भविष्य अंधकार में नहीं जाए।
-संवाद
नेतर चौहान
नेतर चौहान
नेतर चौहान