-सब-डिपो बनने के बाद बसें बढ़ने के बजाय कम हुईं, ग्रामीण रूटों पर बढ़ी परेशानी
-ओवरलोड बसों में सफर करने को मजबूर यात्री, गढ़ोल पीडग रूट पर देरी से पहुंच रही बस
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। हिमाचल पथ परिवहन निगम के राजगढ़ सब-डिपो में बसों की कमी का असर ग्रामीण परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है। वर्तमान में यहां 10 बसें संचालित हो रही हैं, जबकि सब-डिपो बनने से पहले 13 बसें थीं। इसी अवधि में बस रूटों की संख्या भी करीब 32 से घटकर 22 रह गई है। बसों की कमी के चलते कई रूटों पर यात्रियों को क्षमता से अधिक सवारियों के साथ सफर करना पड़ रहा है।
लोगों को उम्मीद थी कि सब-डिपो का दर्जा मिलने के बाद राजगढ़ में बसों की संख्या और ग्रामीण क्षेत्रों के रूट बढ़ेंगे, लेकिन स्थिति इसके विपरीत बनी हुई है। नरेश कुमार, रमेश कुमार, राजेंद्र सिंह के अनुसार किसी बस में तकनीकी खराबी आने पर उसका सीधा असर ग्रामीण रूटों पर पड़ रहा है। कई बार यात्रियों को घंटों बस का इंतजार करना पड़ रहा है।
गढ़ोल पीडग जाने वाले यात्रियों ने बताया कि इस रूट पर बस निर्धारित समय से देरी से पहुंच रही है। इससे ग्रामीणों के साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी परेशानी हो रही है। लोगों के अनुसार बस पहले थानाधार जाती है और इसके बाद गढ़ोल पीडग की ओर रवाना होती है। इस कारण क्षेत्र के यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। लोगों ने निगम प्रबंधन से राजगढ़ सब-डिपो में पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध करवाने और ग्रामीण क्षेत्रों के रूट नियमित करने की मांग की है।
अड्डा प्रभारी वीरेंद्र ने बताया कि वर्तमान में 10 बसें हैं, इनमें एक इलेक्ट्रिक बस शामिल है। इनसे करीब 22 रूट संचालित किए जा रहे हैं। यदि बस डिपो में बसों की संख्या बढ़ती है तो रूट संचालन और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।