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Sirmour News: धान की धीमी उठान से पांवटा मंडी में किसानों की बढ़ी परेशानी

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पांवटा साहिब खरीद केंद्र पहुंच कर धान फसल खरीद व पेमेंट समेत समस्याओं को लेकर अपनी बात रखते हुए
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- पांच-पांच दिन तक मंडी में इंतजार कर रहे किसान, दो सप्ताह से खातों में नहीं हुआ फसल का भुगतान
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- संयुक्त किसान मोर्चा ने उठान तेज करने, झरनों की संख्या बढ़ाने और भुगतान में देरी दूर करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब अनाज मंडी में धान की धीमी उठान और भुगतान में देरी से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धान बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे किसानों को पांच-पांच दिन तक ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, फसल बेचने के बाद भी किसानों के खातों में समय पर भुगतान नहीं पहुंच रहा है। इन समस्याओं को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने खरीद व्यवस्था में सुधार करने और उठान प्रक्रिया तेज करने की मांग उठाई है।
संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी सहित गुरविंद्र सिंह गोपी, हरजीत सिंह, गुलजार सिंह और चरणजीत सिंह ने कहा कि धान खरीद शुरू हुए तीन सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन उठान की रफ्तार बेहद धीमी है। अब तक धान से लदे आधा दर्जन से कुछ अधिक वाहन ही मंडी से उठाए जाने की जानकारी है। मंडी में धान का स्टॉक बढ़ने से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि धान की खरीद में इस्तेमाल होने वाले झरनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े।
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सोमवार को समाजसेवी गुरदीप सिंह गैरी ने अनाज मंडी पहुंचकर किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। इस दौरान रविंद्र कुमार, किशन सिंह, सुनील चौधरी, चरणजीत सिंह और प्रीत मोहन भी मौजूद रहे। गुरदीप सिंह गैरी ने कहा कि त्योहारी सीजन के साथ गेहूं की बिजाई का समय होने के कारण किसानों को पैसों की सख्त जरूरत है। इसके बावजूद उन्हें अपनी धान की फसल बेचने के लिए कई-कई दिन मंडी में गुजारने पड़ रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन के समक्ष किसानों की समस्याएं उठाते हुए मांग की कि धान की तुलाई के लिए झरनों की संख्या बढ़ाई जाए और तुले हुए धान का जल्द उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि मंडी में जगह की कमी के कारण खरीद प्रभावित न हो। इसके साथ ही मंडी में रात के समय ठहरने वाले किसानों के लिए उचित व्यवस्था करने की भी मांग की गई।
गुरदीप सिंह गैरी ने कहा कि सरकार के निर्धारित प्रावधान के अनुसार किसानों को फसल बेचने के 72 घंटे के भीतर भुगतान मिलना चाहिए, लेकिन किसानों को इसके लिए 10 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय प्रशासन से बातचीत शुरू कर दी गई है। किसानों को राहत दिलाने के लिए उठान, तुलाई और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का जल्द निपटारा जरूरी है।
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एपीएमसी के सचिव अक्षित शर्मा ने कहा कि किसानों ने खरीद केंद्र में व्यवस्थाओं से जुड़ी अपनी मांगें और समस्याएं रखी हैं। इनके समाधान के लिए संबंधित खरीद एजेंसियों से बातचीत की जा रही है, ताकि खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाया जा सके और किसानों को आ रही परेशानियों का जल्द समाधान हो।

पांवटा साहिब खरीद केंद्र पहुंच कर धान फसल खरीद व पेमेंट समेत समस्याओं को लेकर अपनी बात रखते हुए

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