ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, बस और सड़क की खस्ताहालत से करवाया अवगत
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। पांवटा बस डिपो की सरकारी बस सेवा जिसका रूट आंजभोज क्षेत्र के अंतिम गांव कलाथा बढ़ाणा तक स्वीकृत है। वह तीन महीने से इस रूट को कवर नहीं कर रही है। यह बस आधे अधूरे रास्ते डांडाआंज तक ही जा रही है। ऐसे में इससे आगे के गांवों की पांच हजार की आबादी को सरकारी बस सुविधा से महरूम होना पड़ रहा है। इससे खफा ग्रामीणों ने अब मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। इसके माध्यम से सरकारी बस सेवा और स्थानीय सड़क की खस्ताहालत से उन्हें अवगत करवाकर स्थायी समाधान की मांग की है।
ग्रामीण मोहन सिंह तोमर, चतन सिंह, सतीश तोमर, खतरी राम, उदयराम, नैन सिंह, राजकुमार, राजू, मुखा राम, पूर्ण सिंह, प्रदीप कुमार, सीताराम, आरएस तोमर आदि ने मुख्यमंत्री को बताया कि सरकारी बस के कलाथा बढ़ाणा तक नहीं पहुंंचने पर भिपटवाड, मौणी, दाना, बेलधार, मसरानी, खनीता, नैनाबास व कलाथा बढ़ाणा गांवों की पांच हजार की आबादी सरकारी बस सुविधा से महरूम है।
उन्होंने कहा कि लंबी जद्दोजहद के बाद परिवहन निगम से कलाथा बढ़ाणा तक सरकारी बस का रूट स्वीकृत करवाया था। आजादी के बाद पहली बार सरकारी बस इस साल 14 जून को कलाथा बढ़ाणा तक पहुंची थी। हैरानी की बात यह है कि महज 14 दिन के बाद ही यह बस अपने रूट पर दोबारा नहीं आई।
उन्होंने कहा कि एक निजी बस का रूट भी दोपहर 02:20 मिनट पर कलाथा पहुंचने का था। यह निजी बस भी एक साल से डांडा आंज तक ही आ रही है। उन्होंने बताया कि इस बारे में आरटीओ कार्यालय को भी लिखित रूप में बताया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने बताया कि डांडाआंज से आगे कलाथा बढ़ाणा तक आने वाली सड़क भी बदहाल है। यहां पूरी सड़क पर रोड़ी बिखरी पड़ी है। कई साल पहले इस सड़क की टारिंग हुई थी, जिसके बाद इसकी सुध नहीं ली गई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से सरकारी बस को फिर से कलाथा बढ़ाणा तक चलाने और सड़क की टारिंग करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश देने की मांग की है।
-संवाद
मुख्यमंत्री को बस और सड़क की समस्या को लेकर ज्ञापन भेजने की तैयारी करते कलाथा बढ़ाणा के ग्रामीण