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शिलाई कॉलेज को जल्द मिले हॉस्टल सुविधा

Fri, 09 Dec 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/शिलाई
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गिरिपार के शिलाई में वर्ष 2006 से कॉलेज खुला है। कॉलेज में इस सत्र में 834 में से 546 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। काफी समय से दुर्गम गांव से कॉलेज पहुंचने वाले स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल की सुविधा की मांग उठती रही है।
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हालत यह है कि एक दशक बाद भी शिलाई मुख्य मार्ग से कॉलेज परिसर तक सड़क पक्की नहीं हो पाई। शिलाई कॉलेज की केंद्रीय छात्र संगठन (एससीए) से जुड़े पदाधिकारियों और छात्रों ने अमर उजाला के समक्ष अपनी कई मांगें और समस्याएं साझा कीं। शिलाई कॉलेज एससीए कमेटी अध्यक्ष रवीना पुंडीर, उपाध्यक्ष करिश्मा, महासचिव मनीषा, सह सचिव रोहित चौहान ने कहा कि सबसे पहले कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल सुविधा उपलब्ध होनी जरूरी है। कुछ स्टूडेंट्स दूरदराज गांव से शिलाई पहुंचते हैं। कई छोटे गांवों में अभी बस की सुविधाएं नहीं हैं, जिसके चलते आवागमन में काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं। समय-समय पर मांग उठाई जाती रही है कि शिलाई कॉलेज में रिक्त प्रवक्ताओं और नॉन टीचिंग स्टाफ पदों को शीघ्र भरा जाए। इन्होंने मांग की कि कॉलेज में बॉयोलॉजी और जियोलॉजी, इंग्लिश और हिंदी प्रवक्ता का एक- एक पद शीघ्र भरा जाए। नॉन टीचिंग स्टॉफ में भी सुपरिंटेंडेंट, सीनियर असिस्टेंट, असिस्टेंट, स्टोर कीपर और लाइब्रेरियन के पद रिक्त पड़े हैं। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कॉलेज प्रवक्ताओं को इन रिक्त पदों का भी अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है।
एक दशक बाद भी सड़क नहीं हुई पक्की
कॉलेज के फाइनल ईयर के यशपाल, वीरेंद्र धीमान और मंजू चौहान का कहना है कि घर के समीप ही कॉलेज की सुविधा मिली है। एक दशक पहले कॉलेज खुला है। शिलाई मुख्य बाजार मार्ग से कॉलेज तक सड़क सुविधा भी हो गई है। लेकिन, एक दशक बाद भी सड़क पक्की नहीं हो सकी है। तीन किलोमीटर मार्ग को प्राथमिकता से पक्का किया जाना चाहिए। कॉलेज की बॉउंड्री वाल होना जरूरी है। कॉलेज में पेयजल की काफी समस्या है। पानी की कमी के चलते मजबूरन टॉयलेट भी बंद ही रहते हैं।
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कॉलेज की बीए प्रथम वर्ष की विद्या नेगी, सुमन, सरोज, तान्या, रवीना और मनीषा ने बताया कि  कॉलेज में म्यूजिक और फिजिकल एजुकेशन विषय शुरू किया जाना चाहिए। पानी की बेहतर सुविधाएं होनी भी जरूरी हैं।
उधर, शिलाई कॉलेज के प्राचार्य  प्रो. टीआर पराशर ने बताया कि बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना के लिए प्रपोजल मंजूरी को भेज दी गई है। कॉलेज मैदान और कैंटीन भी शीघ्र बनकर पूरी होगी। अन्य समस्याओं के बारे में संबंधित विभागों को अवगत करवा दिया गया है।
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