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Sirmour News: स्टाफ न होने से विज्ञान संकाय में विद्यार्थियों ने नहीं लिया दाखिला

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स्टाफ न होने से विज्ञान संकाय में विद्यार्थियों ने नहीं लिया दाखिला
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बसाहां में प्रधानाचार्य समेत 12 पद रिक्त
तीन बच्चों ने विज्ञान संकाय में लिया था प्रवेश, साथ ही कर गए पलायन
हिमाचल निर्माता के क्षेत्र की पाठशाला में प्रवेश लेने से कतरा रहे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। हिमाचल निर्माता डाॅ. यशवंत सिंह परमार के क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाहां में बच्चे दाखिला लेने से कतरा रहे हैं।
इस पाठशाला में प्रधानाचार्य समेत 12 पद शिक्षकों और गैर शिक्षकों के रिक्त हैं। इस कारण बच्चे यहां दाखिला लेने की बजाय दूसरे स्कूलों का रुख कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार स्कूल में प्रधानाचार्य, केमेस्ट्री, फिजिक्स, इतिहास, गणित, टीजीटी मेडिकल, पीटीई, एलटी, कंप्यूटर साइंस, वरिष्ठ सहायक, लिपिक आदि के पद रिक्त चल रहा है। मुख्य विषयों के पद रिक्त होने के कारण कई बच्चे इस स्कूल से पलायन तक कर चुके हैं।
पूर्व भाजपा सरकार ने इस स्कूल में नॉन मेडिकल संकाय की पढ़ाई शुरू करवाई थी लेकिन शिक्षक देना भूल गई। यहां बस एकमात्र रासायनिक विज्ञान प्रवक्ता की भी नियुक्ति की गई। यह पद भी अब खाली है। वर्तमान सरकार ने भी अब तक इस स्कूल में शिक्षक भेजने की जहमत नहीं उठाई है।
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स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान देवेंद्र सिंह, रमेश दत्त शर्मा, दिनेश शर्मा, दीपक, राजेंद्र दत्त और शमशेर सिंह ने कहा कि इस स्कूल में लाना बांका, डिंगर किन्नर व नेहरस्वार पंचायत के बच्चे भी शिक्षा ग्रहण करते हैं। नॉन मेडिकल की कक्षाएं तो शुरू हुई हैं लेकिन स्टाफ नहीं है।
वर्तमान में कला संकाय में जमा एक में 18 बच्चे और 12वीं में 17 बच्चों ने दाखिला लिया है। तीन बच्चों ने विज्ञान संकाय में भी दाखिला लिया था लेकिन स्टाफ न होने के कारण दूसरे स्कूल में चले गए। उन्होंने सरकार से विज्ञान संकाय समेत दूसरे रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
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शिक्षक न होने से घट गए बच्चे
प्रधानाचार्य भूपेश भारद्वाज ने बताया कि स्कूल में 145 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की संख्या घट गई है। स्टाफ की कमी से बच्चे दूसरे स्कूलों का रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां नॉन मेडिकल समेत अन्य प्रवक्ताओं के कई पद खाली चल रहे हैं।
संवाद
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