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नाहन मेडिकल कॉलेज का नाम बड़ा, दर्शन छोटे

Mon, 06 Jun 2016 11:07 PM IST
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
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नाहन (सिरमौर)। नाम बड़े और दर्शन छोटे। यह कहावत डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन पर सटीक बैठती है। मरीजों को इस मेडिकल कॉलेज में क्षेत्रीय अस्पताल की तरह भी सुविधाएं नसीब नहीं हो रही हैं। इतना जरूर है कि अस्पताल के एंट्रेंस गेट के अलावा कागजी कार्रवाइयों में मेडिकल कॉलेज का नाम हो गया है। मेडिकल कॉलेज एवं क्षेत्रीय अस्पताल नाहन में 2 करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन मशीन तो लगी है मगर इसका फायदा कोई नहीं है। पिछले सात माह से यहां पर किसी मरीज का सीटी स्कैन टेस्ट हुआ ही नहीं।
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रेडियोलॉजिस्ट  के अभाव में सिटी स्कैन मशीन धूल फांक रही है। सीटी स्कैन मशीन की मेंटेनेंस के लिए सरकार प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये का बजट खर्च करती है। फिर भी सरकार ने यहां पर रोगियों की सुविधा के लिए कोई रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं किया। मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने के बाद यहां पहुंची एमसीआई की टीम के दौरे के दौरान यहां एक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई मगर टीम के वापिस जाते ही रेडियोलॉजिस्ट के भी दर्शन नहीं हुए। ऐसे में प्राइवेट अस्पतालों की खूब चांदी हो रही है। रोगी बेहाल हैं।
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बाक्स के लिए--
अल्ट्रासाउंड भी सिर्फ गर्भवती महिलाओं का
इस क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड भी सिर्फ गर्भवती महिलाओं के हो रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को भी अल्ट्रासाउंड के लिए डेट दी जाती है। बाकी किसी भी रोगी का अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा। रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में इस समय निजी क्लीनिक मोटी कमाई कर रहे हैं। कई रोगियों को हरियाणा, चंडीगढ़ व उत्तराखंड से सिटी स्कैन आदि टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। अस्पताल में सामान्य तौर पर 500 रोगियों से ज्यादा ओपीडी रहती है। इसमें से 60 फीसदी से ज्यादा रोगी अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन आदि करवाने आते हैं। आज हालत यह है कि अल्ट्रासाउंड व सिटी स्कैन के लिए यहां कोई मरीज नहीं आता।
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दुर्गम क्षेत्र के रोगी पहुंचते हैं नाहन
जिला सिरमौर के दुर्गम क्षेत्रों के सैकड़ों रोगी इलाज के लिए नाहन पहुंचते हैं। अस्पताल का चक्कर काटने के बाद कभी रोगियों को डॉक्टर नहीं मिलता तो कभी दूसरी सुविधाएं। रोगी अपना पैसा व वक्त बर्बाद करने के बाद मजबूरी वश निजी चिकित्सालयों की ओर रुख करते हैं।
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नहीं हो रहे सीटी स्कैन
उधर, सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट न होने से सीटी स्कैन नहीं हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अल्ट्रासाउंड केवल गर्भवती महिलाओं के किए जा रहे हैं।
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