प्रसिद्ध मंदिर स्थल त्रिलोकपुर में स्वास्थ्य विभाग की डिस्पेंसरी में चिकित्सक नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस डिस्पेंसरी से मई 2015 से कोई चिकित्सक कार्यरत नहीं है। पूर्व में मौजूद चिकित्सक डॉ. पवन कुमार की सेवानिवृत्ति के बाद से ही यह पद रिक्त चल रहा है।
दूर दराज से पहुंचने वाले ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने विभाग से डिस्पेंसरी में चिकित्सक नियुक्त करने की मांग की है।
क्षेत्र के पंचायत उपप्रधान लाल सिंह, पूर्व प्रधान प्रेम सिंह, देशराज, सुरजीत सिंह, धीरज राणा, पूर्व बीडीसी सदस्य दलबीर सिंह, वार्ड एक के सदस्य क्रीमी, वार्ड दो की सुमन देवी, वार्ड तीन से रजनी देवी आदि का कहना है कि त्रिलोकपुर डिस्पेंसरी में डॉक्टर नहीं होने से लोगों को अपना इलाज या तो मंहगे खर्चे में निजी अस्पताल में करवाना पड़ रहा है या फिर कोसों दूर नाहन जाना पड़ रहा है। डिस्पेंसरी में इन दिनों फार्मासिस्ट ही डॉक्टर का कामकाज देख रहा है। लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
उधर त्रिलोकपुर पंचायत के प्रधान वीरेंद्र परमार ने संपर्क करने पर बताया कि ग्रामीणों ने पूर्व में भी जिला आयुर्वेदिक अधिकारी को इस बाबत अपनी समस्या रखी थी लेकिन समाधान नहीं हो सका। ग्रामीण अब अपनी मांग को लेकर उपायुक्त बीसी बडालिया से मिलेंगे।