डॉक्टर न होने से लोगों को 40 से 60 किलोमीटर दूर जाकर करवाना पड़ रहा इलाज
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र की ढंगयार पीएचसी बिना डॉक्टर के संचालित की जा रही है। इस वजह से क्षेत्र की तीन पंचायतों की चार हजार की आबादी को बेहतर उपचार के लिए तरसना पड़ रहा है।
इस पीएचसी में डॉक्टर नहीं है, इस कारण इसका संचालन फार्मासिस्ट ही कर रहा है। महज फार्मासिस्ट होने के कारण लोगों को यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। डाॅक्टर के न होने से लोगों को उपचार करवाने के लिए 40 से 60 किलोमीटर दूर सोलन और नाहन जाना पड़ रहा है।
बता दें कि इस पीएचसी से जहां पच्छाद क्षेत्र की सीमा के साथ लगते गांव लाभान्वित होते हैं, वहीं हरियाणा राज्य के लोग भी इस पीएचसी में इलाज करवाने आते हैं। ऐसे में डॉक्टर न होने से उनको परेशानी झेलनी पड़ रही है। ढंगयार पीएचसी से सुरला जनोट, टिक्करी कुठाड़ और बनी बखोली पंचायतों के लोगों को लाभ मिलता है।
काटली पंचायत समिति के पूर्व सदस्य तारा दत्त शर्मा, बनी बखोली पंचायत के पूर्व प्रधान लक्ष्मी पराशर, भूपेश शर्मा, विरेंद्र शर्मा, सोम ठाकुर, रमेश कुमार, सुरजन सिंह, राजेश कुमार, देव स्वरूप ने बताया कि ढंगयार पीएचसी में डॉक्टर का पद खाली होने के कारण मरीजों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इन्होंने बताया कि दूरदराज से लोग अपना उपचार करवाने के लिए इस पीएचसी में आते हैं, लेकिन डॉक्टर न मिलने के कारण निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस पीएचसी को खुले हुए चार साल हो गए हैं लेकिन अभी तक डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है।
बीएमओ पच्छाद डॉ. पुनीत शर्मा ने बताया कि ढंगयार पीएचसी में डॉक्टर का पद खाली पड़ा हैं। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
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