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Sirmour News: मधाना पंचायत प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा

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कोरम नहीं हुआ पूरा, प्रस्ताव गिरते ही उपप्रधान, तीन वार्ड सदस्यों का सामूहिक इस्तीफा
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बीडीओ पांवटा साहिब की अध्यक्षता में मधाना पंचायत में बुलाई थी ग्राम सभा

संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। विकास खंड पांवटा साहिब की मधाना पंचायत में महिला प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिर गया है। वीरवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बुलाई ग्रामसभा में 422 लोगों का कोरम जरूरी था, लेकिन दो घंटे चली कार्यवाही के दौरान कुल 68 लोग शामिल हुए।
इनमें से 38 लोगों ने अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए हस्ताक्षर किए, जबकि अन्य लोगों ने पंचायत प्रधान का समर्थन किया। अविश्वास प्रस्ताव गिरते ही उपप्रधान हरिदत्त, वार्ड नंबर-2 के सदस्य सतेंद्र, वार्ड-4 के सदस्य कुलदीप सिंह और वार्ड-5 की सदस्य सीमा देवी ने सामूहिक तौर पर मौके पर पहुंचे बीडीओ पांवटा साहिब को इस्तीफा सौंप दिया।
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जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे के बाद पंचायत की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इन जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि विभाग की ओर से संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। लिहाजा उनका भी अब इस पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं बनता है।

बता दें कि धारटीधार क्षेत्र की मधाना पंचायत में उपप्रधान और तीन वार्ड सदस्यों ने पंचायत प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उपायुक्त से अविश्वास प्रस्ताव की सिफारिश की थी। इसकी जांच का जिम्मा बीडीओ पांवटा साहिब को सौंपा।

आरोप था कि पंचायत के कार्यों में दखलअंदाजी और मनमानी की जा रही है। इसे लेकर विभाग ने आरोपों को लेकर जांच बिठाई। जांच पूरी होने और महिला प्रधान का पक्ष तथ्यों पर आधारित न होने के चलते अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए ग्रामसभा बुलाई थी, लेकिन कोरम पूरा नहीं हो सका।

बीडीओ पांवटा साहिब प्रताप चौहान ने बताया कि प्रधान किरण देवी के विरुद्ध प्रस्ताव गिर गया है। इसके बाद उपप्रधान और तीन वार्ड सदस्यों ने भी पद से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा उपायुक्त को भेजा जा रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पर बुलाई ग्राम सभा का कोरम पूरा नहीं हो सका। ग्राम सभा में 422 लोगों की उपस्थिति जरूरी थी।
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यदि जनप्रतिनिधियों का इस्तीफा मंजूर होता है तो इन पदों पर चुनाव कराए जाएंगे, लेकिन तब तक पंचायत में कोई विकास कार्य नहीं हो सकेंगे। ग्राम सभा नहीं बुलाई जा सकती और न ही विकास कार्यों के लिए पैसा निकाला जा सकता है। अब प्रशासन के आदेशों पर ही कार्रवाई की जाएगी।
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