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Sirmour News: सिविल अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने से लोग परेशान

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आजकल बरसात में सिविल अस्पताल पांवटा साहिब की ओपीडी में उपचार को भारी संख्या में मरीज पहुंच रहे
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(ग्राउंड रिपोर्ट)
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आजकल पहुंचते 80 से सौ तक बीमार शिशु, निजी क्लीनिकों का करना पड़ रहा रुख
एसएनसीयू कक्ष संचालन बंद, 3 वर्षों में मात्र 3 माह तक ही इस पद पर एक चिकित्सक

सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में तीन वर्षों से अधिकतर शिशु रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त ही रहा है। इससे शिशु रोगियों के उपचार को बाहर निजी क्लीनिकों में भटकना पड़ रहा है। इन दिनों बरसात में औसतन 80 से 100 तक नासाज शिशु रोगी उपचार को पहुंच रहे हैं। पद रिक्त होने से पांवटा साहिब और शिलाई विधानसभा क्षेत्रों से पहुंचने वाले शिशु रोगियों को उपचार में दिक्कतें आ रही हैं। मजबूरन लोगों को निजी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास उपचार करवाना पड़ रहा है।
शिलाई, अंबोया और रामपुरघाट से बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे परिजनों राहुल, प्रतिभा देवी, विमला देवी, त्रिशला, मोनिका, हेमा व रामकिशन ने बताया कि बच्चों के उपचार को काफी भटकना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब जिले के आधा क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसमें शिलाई विधानसभा क्षेत्र, पांवटा साहिब क्षेत्र, नाहन और रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्रों की दर्जनों पंचायतें, उत्तराखंड व हरियाणा के साथ लगते कुछ गांवों से भी मरीज यहां उपचार को पहुंचते हैं।
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अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्टाफ नर्सों के काफी पद रिक्त चल रहे हैं। करीब तीन वर्ष पहले सिविल अस्पताल के तत्कालीन प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन (शिशु रोग विशेषज्ञ) बतौर सीएमओ पदोन्नत होकर चले गए थे। इसके उपरांत शिशु वार्ड समेत ओपीडी प्रभावित होती रही है। इससे कभी जिला में सबसे बेहतर सेवाएं देने वाला एसएनसीयू कक्ष में ताले लटक गए हैं। इसके चलते गंभीर रूप से बीमार शिशुओं को नाहन मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता रहा है।
केवल तीन माह के लिए बीच में एक चिकित्सक आए, इसके बाद स्थानांतरण हो गया था। आजकल बरसात में शिशु रोगियों की संख्या कभी सौ तक पहुंच जाती है। शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं होने से सबसे ज्यादा बीमार बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। मध्यम व गरीब परिवार निजी अस्पतालों में महंगा उपचार नहीं करवा पाते हैं। इसलिए सिविल अस्पताल में ये विशेषज्ञ का पद भरे जाने तक मेडिकल कॉलेज नाहन से प्रतिनियुक्ति पर शिशु रोग विशेषज्ञ भेजने की मांग उठ रही है।
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सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने बताया कि शिशु रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने से दिक्कतें आती रही हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ के पद भरने जाने से शिशु रोगियों को बेहतर उपचार सुविधा मिल सकेंगी।

संवाद-

आजकल बरसात में सिविल अस्पताल पांवटा साहिब की ओपीडी में उपचार को भारी संख्या में मरीज पहुंच रहे

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