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Sirmour News: नाहन मेडिकल कॉलेज में 16 पीजी सीटों की मंजूरी के लिए एनएमसी टीमों ने किया निरीक्षण

Fri, 25 Sep 2026 12:02 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
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मेडिसिन और एनेस्थीसिया में एमडी की पांच-पांच, ऑर्थोपेडिक्स और जनरल सर्जरी में एमएस की तीन-तीन सीटों के लिए निरीक्षण
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अलग-अलग राज्यों से पहुंची टीमों ने फैकल्टी, मरीजों का क्लीनिकल लोड, आईसीयू, लैब और शिक्षण संसाधनों का लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की प्राधिकृत टीमों ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया है। यह निरीक्षण एमडी और एमएस पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लेने हेतु किया गया।
चार विभागों में कुल 16 पीजी सीटों की मंजूरी को लेकर यह जांच हुई है। अब टीमों की रिपोर्ट के आधार पर सीटों की मंजूरी की आगामी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। एनएमसी की ओर से मथुरा, कर्नाटक और राजस्थान से टीमें आई थीं। इन टीमों ने मेडिसिन में एमडी की पांच सीटों का आकलन किया। एनेस्थीसिया में एमडी की पांच सीटों की भी जांच की गई। ऑर्थोपेडिक्स में एमएस की तीन और जनरल सर्जरी में एमएस की तीन सीटों के लिए निर्धारित मानक परखे गए। निरीक्षण में फैकल्टी, मरीजों का क्लीनिकल लोड और ओपीडी-आईपीडी सेवाओं को देखा गया। वार्ड व्यवस्था, आईसीयू की स्थिति और चिकित्सा उपकरणों की भी जांच की गई।
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निरीक्षण के मानक
टीमों ने प्रयोगशालाओं, मेडिकल रिकॉर्ड और पीजी विद्यार्थियों के प्रशिक्षण संसाधनों को परखा। पीजी सीटों की मंजूरी के लिए केवल संबंधित विभाग में फैकल्टी की उपलब्धता पर्याप्त नहीं होती। अस्पताल में पर्याप्त मरीज और क्लीनिकल केस भी आवश्यक होते हैं। आवश्यक जांच सुविधाएं, चिकित्सा उपकरण और आधारभूत ढांचा भी जरूरी है। शिक्षण संसाधन और पीजी विद्यार्थियों के प्रशिक्षण की उचित व्यवस्था भी जांची गई।
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चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
नाहन मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में एमबीबीएस की 120 सीटें हैं। एमडी और एमएस पाठ्यक्रम शुरू होने से चिकित्सा शिक्षा का दायरा बढ़ेगा। पीजी विद्यार्थियों को विशेषज्ञता आधारित प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य संगीता ढिल्लों ने बताया कि इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी। मरीजों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। कहा कि अब एनएमसी टीम की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी को लेकर आगामी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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