-जमाखोरी, मुनाफाखोरी, खाद्य वस्तुओं में मिलावट को लेकर कसे तंज
-संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से आयोजित हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। पझौता के जालग स्थित हाब्बी मानसिंह कला केंद्र में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से गुरु शिष्य परंपरा के अंतर्गत शाहूकारो रा स्वांग.., लोकनाट्य का मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री विद्यानंद सरैक ने किया। इसके बाद शाहूकारो रा स्वांग लोकनाट्य का मंचन किया गया।
आसरा संस्था की ओर से गुरु पद्मश्री विद्यानंद सरैक और डॉ. जोगेंद्र हाब्बी के निर्देशन में इस नाटक को गुरु शिष्य परंपरा के अंतर्गत प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया था। शाहूकारो रा स्वांग लोकनाट्य में आज के समय में व्याप्त जमाखोरी, मुनाफाखोरी, खाद्य वस्तुओं में मिलावट, भ्रष्टाचार, चोरी, हत्या तथा लूटपाट जैसी बुराइयों पर प्रहार कड़ा किया गया।
शाहूकारो रा स्वांग.., लोकनाट्य में दुकानदार अपने मुनीम से खाद्य वस्तुओं में मिलावट करवाकर खूब पैसा कमाता है। आसरा का प्रयास है कि विलुप्त होते जा रहे हैं लोकनाट्यों को परिष्कृत कर उनका आकर्षक ढंग से मंचन किया जा सके।
लोकनाट्य के पात्रों में मुख्य भूमिका रामलाल, गोपाल, संदीप, चमन, सरोज, अनु, दिनेश, अनिल, आरती, हेमलता, सुनील, जोगेंद्र, अमीचंद, मुकेश, मंगेश, चिरंजी, कृष्ण, अमन आदि कलाकारों सहित लगभग 22 कलाकार शामिल हुए।
-संवाद