नाहन (सिरमौर)। मेडिकल कॉलेज नाहन में कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने से व्यवस्थाएं छोटी पड़ने लगी हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद कोविड मरीजों के लिए बनाए गए आईसीयू भवन में ही दस और बिस्तरों की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन फिर भी कमी दूर नहीं हो रही। लगभग पांच दिनों से यहां मरीजों को बिस्तर नहीं मिल रहे। यहां से मरीजों को डेडिकेटिड कोविड अस्पताल सराहां के लिए रेफर किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के जिला अस्पतालों में भी कोविड मरीजों के लिए कम से कम सौ बिस्तरों का आईसीयू बनाया गया है लेकिन डॉ. यशवंत सिंह मेडिकल कॉलेज नाहन में महज 20 बिस्तरों का आईसीयू बनाया गया। अब जब हालात बिगड़ने लगे तो अस्पताल में मरीजों को दाखिल करने के लिए दस अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था की गई। हालांकि, मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद अस्पताल में ही करीब 90 और बिस्तरे लगाने का कार्य शीघ्र शुरू होने की मेडिकल कॉलेज प्रबंधन बात कर रहा है लेकिन सवाल यह उठता है कि महामारी के इस दौर में पहले से ही यह व्यवस्था क्यों नहीं की गई। यहां मेडिकल कॉलेज तो बना दिया गया लेकिन सुविधा जिला अस्पताल जैसी भी मुहैया नहीं करवाई गई।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल कौशिक ने बताया कि आईसीयू में दस और बिस्तर लगाए गए हैं। कुल बिस्तरों की संख्या अब तीस हो गई है। वह भी पैक हो गए हैं। मुश्किल से एक-दो बिस्तर खाली होंगे। बिस्तरों की क्षमता बढ़ाने पर कार्य चल रहा है।
------------------
बॉक्स के लिए---
नौ महीने बाद लगा एक वेंटिलेटर
नाहन (सिरमौर)। मेडिकल कॉलेज नाहन को आठ-नौ महीने पहले मिले 25 वेंटिलेटर अभी तक नहीं लगाए गए हैं। अब मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद वेंटिलेटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। आईसीयू में एक वेंटिलेटर मुहैया कराया गया है।
-----------------