जेल की 471 क्षमता, 550 कैदी बंद, 230 विचाराधीन
एनडीपीएस मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की बड़ी संख्या पहुंच रही जेल
हिमाचल के अलावा छह राज्यों और नेपाल के कैदी भी काट रहे सजा
धर्म सिंह तोमर
नाहन (सिरमौर)। आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन में क्षमता से अधिक कैदियों की संख्या जेल प्रबंधन के लिए चुनौती बनी हुई है। करीब 471 कैदियों की क्षमता वाले कारागार में 550 कैदी बंद हैं। इनमें 230 विचाराधीन कैदी हैं। यानी जेल में स्वीकृत क्षमता से करीब 79 अधिक कैदी रह रहे हैं।
कुछ समय पहले यहां क्षमता से करीब 100 अधिक कैदी थे। लगातार बढ़ती संख्या के चलते बंदियों के रहने, निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जेल प्रबंधन को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ रही है। कारागार में हिमाचल के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के कैदी भी बंद हैं। इसके अलावा नेपाल के नागरिक भी यहां सजा काट रहे हैं। विभिन्न राज्यों से जुड़े कैदियों की मौजूदगी और बंदियों की बढ़ती संख्या के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण है।
सिरमौर पुलिस की ओर से अवैध नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। चिट्टा, नशीली दवाओं और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार आरोपियों में से बड़ी संख्या नाहन जेल पहुंचती है। इनमें कई आरोपी विचाराधीन होते हैं, जिससे जेल में अंडर ट्रायल बंदियों की संख्या भी बढ़ रही है।
जेल में झड़प और हथियारों की बरामदगी ने बढ़ाई चिंता
क्षमता से अधिक बंदियों की मौजूदगी के बीच पिछले कुछ समय में जेल में कई घटनाएं हुई हैं। कैदियों के बीच गुटीय झड़प के अलावा जेल स्टाफ पर हमले की घटनाएं भी हो चुकी हैं। फरवरी में एक कैदी ने ईंट से एक वार्डर और तीन कैदियों को घायल कर दिया था। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
हाल ही में विचाराधीन बंदियों के दो गुटों में मारपीट की घटना भी सामने आई। इसमें कुछ बंदियों को चोटें आईं। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था। कुछ महीने पहले जेल में निरीक्षण के दौरान दैनिक उपयोग की वस्तुओं से तैयार किए गए नुकीले हथियार भी बरामद हुए थे। इसे जेल की सुरक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय माना गया। हालांकि, जेल प्रशासन की ओर से समय-समय पर तलाशी अभियान चलाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाती है।
जेल में क्षमता से अधिक कैदी होने के बावजूद व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। कैदियों की नियमित निगरानी के साथ समय-समय पर तलाशी अभियान चलाए जाते हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
-भानू प्रकाश शर्मा, जेल अधीक्षक