पांवटा नप के शहरी क्षेत्र में आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू किया जा रहा है। 6 अप्रैल 2016 तक मुहिम चलेगी। इस दौरान कम से कम 200 आवारा कुत्तों को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इन कुत्तों के ऑपरेशन करने और इंजेक्शन लगाने की प्रक्रिया चलेगी। पांवटा नगर परिषद, पशुपालन विभाग व तिब्बतीयन सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान से मुहिम चलेगी।
पांवटा नप अध्यक्षा कृष्णा धीमान व उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने सोमवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि गर्मियों के दिनों में आवारा कुत्तों से खतरा रहता है। कई बार पागल होने पर कुत्ते लोगों को काटते हैं जिससे रैबिज रोग का खतरा रहता है। कुत्तों को पकड़ने की मुहिम से जनता को राहत मिलेगी।
बैठक में नप की पार्षद हरविंद्र कौर, धनवीर कपूर, सीमा देवी, पशुपालन विभाग के वरिष्ठ डॉ. राजीव खुराना, उद्यमी अरुण गोयल, पंकज भटनागर, डिंपल बरार, पेमा, सचिन ओबरॉय व नप कमेटी स्वच्छता निरीक्षक प्रदीप दीक्षित समेत तिब्बतीयन सोसायटी सदस्यों में तेशिंग थेंडूप, टीम के सर्जन विशेषज्ञ, डॉग कैचर विशेषज्ञों ने बैठक में भाग लिया। 6 अप्रैल तक आवारा कुत्तों के पकड़ने, उनके ऑपरेशन, एंटी रैबिज इंजेक्शन के दौरान इनको रखने की प्रक्रिया व तैयारियों पर चर्चा की गई। रैन बसेरा में 4 कमरे दिए गए हैं जिसमें आवारा कुत्तों को पकड़ने व उपचार की प्रक्रिया के दौरान रखा जाएगा। आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तिब्बतीयन वेलफेयर सोसायटी धर्मशाला की टीम पांवटा पहुंची है जो धर्मशाला में इससे पहले आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम पूरा कर चुकी है।