-अवैध खनन से पिलरों के नीचे बने गहरे गड्ढे
-रोजाना निकल रही बजरी से भरीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
संजय कंवर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने के लिए यमुना नदी पर करीब 44 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया नावघाट पुल उद्घाटन से पहले ही खतरे की जद में आ गया है। पुल के नीचे कथित अवैध खनन के चलते पिलरों के आसपास गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे इसकी नींव कमजोर होने और भविष्य में बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पुल के नीचे रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बजरी भरने के लिए नदी में उतरती हैं। जेसीबी मशीनों की मदद से नदी की तलहटी को गहराई तक खोदकर बजरी निकाली जा रही है। लगातार हो रहे खनन के कारण पुल के पिलरों के आसपास बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जो इसकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार अवैध रूप से निकाली जा रही बजरी को पुल के नजदीक स्थित क्रशर प्लांटों तक पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि खुलेआम चल रही इस गतिविधि पर न तो प्रभावी निगरानी हो रही है और न ही संबंधित विभाग कार्रवाई करता नजर आ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते पुल के आसपास खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि पिलरों की मजबूती प्रभावित होने पर पूरा पुल यमुना नदी में समा सकता है।
ग्रामीणों ने एसडीएम पांवटा साहिब और खनन विभाग से मांग की है कि पुल के 500 मीटर दायरे में सभी प्रकार की खनन गतिविधियों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि नावघाट पुल का निर्माण दोनों राज्यों की सहमति से किया गया है। उत्तराखंड की ओर पुल से जुड़ी सड़क और अन्य आवश्यक कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश की ओर भंगानी क्षेत्र में पुल को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली एप्रोच रोड का निर्माण अभी अधूरा है। ऐसे में पुल तैयार होने के बावजूद क्षेत्र के लोगों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पांवटा साहिब के एसडीएम द्विज गोयल ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए खनन विभाग को अवैध खनन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पुलिस को पुल क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि यदि पुल के आसपास खनन गतिविधियां जारी पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संवाद
हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर यमुना नदी पर बने पुल के पिल्लरों के पास खनन कार्य में जुटे खनन माफिया।