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Sirmour News: राजगढ़ में मिनी सचिवालय निर्माण का मामला आठ साल से अधर में

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नई जगह बनाने के लिए प्रस्तावित नक्शा प्रशासन की संस्तुति को भेजा
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एक ही छत के नीचे मिलने वाली सभी सुविधाओं से लोग वंचित

वेद प्रकाश ठाकुर

राजगढ़ (सिरमौर)। प्रशासनिक उपमंडल राजगढ़ में मिनी सचिवालय बनाए जाने का मामला घोषणा के आठ वर्षों बाद भी फाइलों में उलझकर रह गया है। यहां मिनी सचिवालय तो नहीं बन पाया, लेकिन इस दौरान करोड़ों की लागत से अन्य कई भवनों का निर्माण सरकार ने कर दिया। यही नहीं जिले में भी कई एसडीएम कार्यालयों में मिनी सचिवालय बन चुके हैं। राजगढ़ इससे अभी तक वंचित है।

दरअसल, राजगढ़ में मिनी सचिवालय बनाने की घोषणा 2018 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से की गई थी। स्थानीय प्रशासन ने पहले तहसील कार्यालय व रिहायशी मकानों को तोड़कर मिनी सचिवालय बनाने का निर्णय लिया था, जिसका प्राक्कलन भी बन गया था लेकिन उसमें कार्यालयों में आने वाले लोगों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं थी। इसलिए तत्कालीन एसडीएम के सुझाव के बाद पुनः प्राक्कलन बनाया जाना था।
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अब हाल में प्रशासन ने उस स्थान पर नहीं, बल्कि एसडीएम कार्यालय के पास मिनी सचिवालय बनाने की योजना बनाई है। इसका समोच्च योजना (कन्टूर प्लान) और प्रस्तावित नक्शा भी लोक निर्माण विभाग ने तैयार कर लिया है। लोक निर्माण विभाग ने यह नक्शा जिला प्रशासन को संस्तुति के लिए भेज दिया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई हो पाएगी।

गौरतलब है कि इस मिनी सचिवालय भवन में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सीडीपीओ, तहसील कल्याण अधिकारी, निरीक्षक खाद्य आपूर्ति व आयकर, खंड शिक्षा अधिकारी और उप कोषाधिकारी के कार्यालयों की व्यवस्था की जानी है। इसके अतिरिक्त सीआईडी विभाग कार्यालय, रोजगार कार्यालय, क्षेत्रीय प्रबंधक वन निगम आदि कार्यालय जो किराये के भवनों में चल रहे हैं, उनके लिए भी मिनी सचिवालय भवन में व्यवस्था की जा सकती है।
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अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग पवन गर्ग ने बताया कि विभाग ने नए स्थल की कन्टूर प्लानिंग और ड्राइंग (नक्शा) बना ली है, जिसे स्वीकृति के लिए उपायुक्त सिरमौर को भेजा गया है। उनकी संस्तुति के बाद ही प्राक्कलन बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक इस भवन निर्माण के लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं है।

संवाद
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