सरकार की नई नीति के तहत विकास कार्यों के लिए मिलती है 25 लाख की प्रोत्साहन राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
कफोटा (सिरमौर)। गिरिपार क्षेत्र की ग्राम पंचायत शरली में पंचायत चुनाव से पहले ही लोकतंत्र की खूबसूरती देखने को मिली। गांव के प्रबुद्ध लोगों ने आपसी सहमति और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए पंचायत प्रधान, उप-प्रधान और सभी वार्ड सदस्यों को निर्विरोध चुनने का फैसला लिया है। ग्रामीणों के इस निर्णय की जमकर सराहना हो रही है और यह पंचायत अन्य पंचायतों के लिए भी मिसाल बनी है। इससे पहले भी टिटियाणा, पोका, दाड़ो देवरिया, शीना आदि पंचायतों के निर्विरोध चुनने का फैसला हो चुका है।
निर्विरोध पंचायतें चुनने को लेकर सिरमौर के ग्रामीण एकता की मिसाल कायम कर रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को गांव में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शरली पंचायत को बिना चुनाव के सर्वसम्मति से चुना जाएगा। सर्वसम्मति से विद्या देवी को प्रधान और विनोद चौहान को उप-प्रधान की कमान सौंपने का निर्णय लिया गया। बीडीसी सदस्य के तौर पर पिंकी चौहान को निर्विरोध चुनने का भी फैसला लिया गया है। इसमें गांव के कुंदन सिंह शास्त्री, खतरी राम चौहान, दयाल चौहान और मदन चौहान ने अहम भूमिका अदा की है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में सर्वसम्मति को बढ़ावा देने के लिए निर्विरोध चुनी गई ग्राम पंचायतों को 25 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया है। इस विशेष इनाम का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों को गति देना और अनावश्यक चुनावी खर्च व आपसी रंजिश को कम करना है।