फूलपुर शमशेरगढ़ पंचायत में गिरि नदी तट पर तीन पंचायतों की रोष सभा और रोष रैली, की नारेबाजी
ग्रामीण बोले : दोनों क्रशर हों बंद, अनापत्ति प्रमाण पत्र किए जाएं रद्द, सरकार के नुमाइंदे मौके का करें दौरा
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरूवाला (सिरमौर)। गिरि नदी से सटी फूलपुर शमशेरगढ़ पंचायत के शिव मंदिर बांगरण-शमशेरगढ़ में मंगलवार को श्री पांवटा साहिब विकास मंच के तत्वाधान में तीन पंचायतों के लोगों की संयुक्त रोष सभा आयोजित हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने पुल तक रोष रैली निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह रोष गत माह गांव बांगरण-शमशेरगढ़ से शुरू होकर अब आसपास की तीन पंचायतों की आवाज बन चुका है।
रोष सभा में बांगरण, शमशेरगढ़, फूलपुर, शिवपुर, अकालगढ़, डोरियोंवाला, मुगलांवाला, करतारपुर, सालघाटी, पुरुवाला, काहनूवाला आदि गांव से सैकड़ों महिलाएं, किसान और मजदूर एकजुट हुए। ग्रामीणों ने कहा कि गत माह गिरि नदी में स्थापित क्रशर वालों ने मजदूरी के बदले पोपलेन और जेसीबी मशीनों से नदी में नियमों को ठेंगा दिखाते हुए ताबड़तोड़ अवैध खुदाई की थी। ऐसे में भारी बारिश के दिनों नदी का सारा पानी गांव की ओर मुड़ गया था और गांव की जमीन और संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। नदी के तेज बहाव और कटाव से अब तक पांच मकान, गोशालाएं, खेती की जमीन, लगभग आधा किलोमीटर लोक निर्माण विभाग की सड़क और तीन सिंचाई योजनाएं प्रभावित हो चुकी हैं।
बैठक को विकास मंच के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान, फूलपुर पंचायत के उपप्रधान गुरुचरण सिंह, पूर्व मुगलांवाला उपप्रधान अनिल चौधरी, युवा नेता जसवीर सिंह सैनी, हरमैल सिंह और सरोपो देवी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि गिरि नदी में हो रहा यह अंधाधुंध खनन गांव की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि दोनों क्रशर इकाइयों को तुरंत बंद किया जाए क्योंकि इन्हीं से गांव को लगातार नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि क्रशरों की एनओसी रद्द की जाए। प्रशासन इसकी विस्तृत जांच कर प्रभावित गांवों का मौके पर दौरा करे।
उन्होंने कहा कि एक पंचायत की ग्रामसभा ने पहले ही खनन रोकने का प्रस्ताव पास कर दिया है, जबकि अन्य पंचायतों से भी ऐसा करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जब तक गिरि नदी के किनारे तटीकरण (फ्लड प्रोटेक्शन वर्क) और भूमि कटाव रोकने के उपाय प्रशासनिक रूप से स्वीकृत और शुरू नहीं होते, तब तक नदी में किसी भी प्रकार का खनन या क्रशर संचालन नहीं होना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बांगरण-भंगानी मार्ग पर दस टन भार सीमा के बावजूद 50-50 टन के ट्रक और ट्राले दौड़ रहे हैं, जिससे पुल की स्थिति भी खतरे में है। ग्रामीणों ने पुल पर लगे लोक निर्माण विभाग के बोर्ड को दिखाकर यह मुद्दा उठाया।
सभा में यह भी मांग रखी गई कि स्थानीय उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान स्वयं मौके पर आकर प्रभावित गांवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लें, साथ ही तटीयकरण, सिंचाई योजनाओं और क्षतिग्रस्त सड़क की बहाली का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए।
इस दौरान प्रभावित गांव से पीड़ित दल सिंह, मोती राम, पाला राम, रवि कुमार, दीपचंद, ओमप्रकाश, गोवर्धन दास, अनिल, अन्नू, राजीव शर्मा, लाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, सरोपों, रोशनी, दुर्गा, मीरा, सबीर अहमद, गुरमीत सिंह आदि उपस्थित रहे।
इस मौके पर पुरुवाला पुलिस प्रशासन भी उपस्थित रहा। एसएचओ राजेश पाल ने कहा कि लोगों ने अपनी मांगों के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से रोष प्रदर्शन किया, पुलिस ने भी पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी।
फूलपुर शमशेरगढ़ पंचायत के शिव मंदिर बांगरण-शमशेरगढ़ में तीन पंचायतों के ग्रामीणों की संयुक्त