बिहार से लापता हो गया था मनोहर, परिजन तलाश कर हताश हो चुके थे
समाजसेवी संजय कंवर के प्रयासों से सड़कों पर भटकता मनोहर पहुंचा घर
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। बिहार से पांवटा साहिब पहुंचा एक परिवार थाने के बाहर रो रहा था। चार वर्ष से लापता मनोहर को सामने देख कर परिजनों के आंखों में आंसू झर-झर बह रहे थे, मगर ये खुशी के आंसू थे। मनोहर की पत्नी और बेटे समेत परिवार को जैसे आंखों पर विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे। परिवार मनोहर की तलाश में भटकता रहा, कहीं पर कोई पता नहीं चलने से अब परिवार जैसे थक हार सा गया था, लेकिन गुरु की नगरी से एक नई उम्मीद का संदेश पहुंचा। मनोहर को सामने पाकर खुशी के आंसू जायज भी थे।
बता दें कि मंगलवार दोपहर को पांवटा साहिब पुलिस थाने के बाहर माहौल उस समय गमगीन हो गया जब बिहार का मनोहर करीब 4 साल बाद अपनी पत्नी और बच्चों से मिला। मीडिया कर्मी और समाजसेवी संजय कंवर ने 4 साल पहले अपने परिजनों से बिछड़े मनोहर को उनके सामने लाया। 23 नवंबर की शाम को सतौन से संजय कंवर को एक फोन आया कि पांवटा साहिब की तरफ से एक मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति पैदल सतौन बस स्टैंड के पास पहुंचा और व्यक्ति को सुरक्षित पांवटा साहिब पहुंचाया।
बातचीत करने पर उसने अपना नाम मनोहर (50 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय गारो रविदास गांव बहादुरपुर जिला नालंदा, बिहार बताया। इसके बाद संजय कंवर ने ऑनलाइन माध्यम से नालंदा के एसपी का मोबाइल नंबर पता किया और उनसे डीएसपी का मोबाइल नंबर लिया। उस थाने के प्रभारी अनिल सिंह ने व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी ली। दो घंटे में ही मनोहर के घर से उनके चाचा विश्वेश्वर दास और बेटे उजीत का फोन आया। 25 नवंबर को मनोहर की पत्नी सुनिता देवी, बेटा उजीत कुमार व छोटा बेटा राज सिंघानिया अपने रिश्तेदारों सहित गाड़ी के माध्यम से पांवटा साहिब पहुंचें।
थाने के बाहर संजय कंवर के गाड़ी से उतरते देख कर मनोहर की पत्नी सुनीता देवी, बेटा उजीत कुमार, छोटा बेटा राजसिंघानिया व उनके रिश्तेदार जोर जोर से रोने लगे। इस दौरान संजय उनको दिलासा देते हुए नजर आये, लेकिन परिवार की खुशी देखकर संजय खुद भी भावुक हो गए।
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थाना प्रभारी की मौजूदगी में परिजनों को सौंपा
- संजय कंवर ने पांवटा साहिब के थाना प्रभारी कुलवंत कंवर की मौजदूगी में मनोहर को उनके परिजनों के सुपुर्द किया। मनोहर की पत्नी सुनीता देवी, बेटा उजीत कुमार ने संजय कंवर का आभार व्यक्त किया है।
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पूरे परिवार-रिश्तेदारों ने ढूंढने की बहुत कोशिश की : सुनीता देवी
- बिहार निवासी मनोहर की पत्नी सुनीता देवी और बेटा उजीत कुमार ने बताया कि मनोहर चार साल पहले घर से लापता रहे, ढूंढने पर कोई पता नहीं चल रहा था। मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। 24 नवंबर दोपहर को समीप के थाना से पुलिस घर पहुंचीं, तो घबरा से गए। पुलिस टीम ने फोन पर हिमाचल में संजय कंवर से बात करवाई। उसके बाद परिवार और रिश्तेदारों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
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