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Sirmour News: छह दशक पुराना कन्या हॉकी छात्रावास, जर्जर भवन में रह रही 30 खिलाड़ी बेटियां

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हिमाचल प्रदेश के करीब छह दशक पुराने हॉकी छात्रावास माजरा की हालत। स्रोत: संस्था
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माजरा के छात्रावास की खस्ताहाल इमारत पर उठे सवाल, संस्था बोली-हादसे के बाद नहीं, पहले हो संरचनात्मक जांच
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गंदे पानी की निकासी नहीं, नींव के आसपास बनी रहती है नमी छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं की नियमित समीक्षा की मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब/धौलाकुआं (सिरमौर)। माजरा स्थित कन्या हॉकी छात्रावास की करीब छह दशक पुरानी जर्जर इमारत में प्रदेश की हॉकी टीम से जुड़ी करीब 30 छात्राएं रह रही हैं। खेल और शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए मेहनत कर रही इन बेटियों के सिर पर खस्ताहाल भवन का खतरा मंडरा रहा है। मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था ने छात्रावास की स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार और संबंधित विभागों से हादसे से पहले भवन की तकनीकी जांच करवाने की मांग उठाई है।
संस्था की अध्यक्षा पुष्पा खंडूजा और निदेशक डॉ. अनुराग गुप्ता ने कहा कि छात्रावास की समस्याओं को पिछले कई वर्षों से प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष उठाया जा रहा है। शिक्षा मंत्री भी छात्रावास का दौरा कर चुके हैं, लेकिन भवन की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। संस्था का कहना है कि करीब 60 वर्ष पुरानी इमारत में रह रही छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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संस्था के अनुसार छात्रावास की प्रमुख समस्याओं में गंदे और वेस्ट पानी की उचित निकासी का अभाव भी शामिल है। पानी भवन की नींव के आसपास जमा होने से वहां लगातार नमी बनी रहती है। इससे पुरानी इमारत की नींव और संरचना पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पुष्पा खंडूजा ने कहा कि ये केवल भवन की मरम्मत का मामला नहीं, बल्कि उन बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है, जो खेल के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। छात्राओं को सुरक्षित भवन के साथ स्वच्छ पानी, शौचालय, स्नानघर, बिजली, स्वच्छता, रहने की उचित व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना जरूरी है।
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संस्था ने सरकार, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग से छात्रावास भवन का तत्काल तकनीकी एवं संरचनात्मक निरीक्षण करवाने की मांग की है। साथ ही नींव और दीवारों की विशेषज्ञों से जांच करवाने तथा भवन असुरक्षित पाए जाने की स्थिति में छात्राओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का आग्रह किया है। संस्था ने छात्राओं की दैनिक जरूरतों और मूलभूत सुविधाओं की नियमित समीक्षा की मांग भी उठाई है।-

हिमाचल प्रदेश के करीब छह दशक पुराने हॉकी छात्रावास माजरा की हालत। स्रोत: संस्था

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