ग्रामीण क्षेत्रों में कोई उम्मीदवार मतदाता से नहीं हो पाया रू-ब-रू
शिमला सीट पर विनोद सुल्तानपुरी और सुरेश कश्यप में कांटे की टक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर वीरवार शाम से प्रचार थमते ही प्रत्याशियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। मतदान को मात्र एक दिन शेष रह गया है।शिमला संसदीय सीट से जहां पांच उम्मीदवार मैदान में हैं, वहीं भाजपा के सुरेश कश्यप और कांग्रेस के उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी के बीच कांटे की टक्कर है। हालांकि, इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी नाहन में विशाल जनसभाएं कर चुके हैं। इन सबके बीच मतदाताओं की खामोशी ने प्रत्याशियों के दिल की धुकधुकी बढ़ा दी है। अब चार जून को ही पता चलेगा कि इस सीट पर कौन विजयी होता है। बता दें कि 10 वर्षों से शिमला संसदीय क्षेत्र की यह सीट भाजपा के पाले में है, जिसे हथियाने के लिए कांग्रेस पूरा जोर लगा रही है। वहीं, तीन अन्य उम्मीदवार भी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। हालांकि, कोई भी उम्मीदवार मतदाता से रू-ब-रू तक नहीं हो पाया है, जिसकी टीस मतदाताओं में है। कई दिनों से रूठों को मनाने के साथ-साथ दूसरी पार्टी के लोगों को अपनी पार्टी में मिलाने का दौर भी खूब चलता रहा। भाजपा के उम्मीदवार सुरेश कश्यप और कांग्रेस के विनोद सुल्तानपुरी अधिकतर समय चुनावी रैलियों मेंं ही व्यस्त रहे। मतदाताओं से मिलने का उन्हें समय तक नहीं लगा। ग्रामीण इलाकों में कई मतदाता तो ऐसे हैं, जो प्रत्याशियों को जानते तक नहीं हैं। ऐसे में चुनावों का ऊंट किस करवट बैठेगा, इसे लेकर प्रत्याशी चिंतित दिखाई दे रहे हैं।