संगड़ाह (सिरमौर)। कोविड-19 के तहत चल रहे लॉकडाउन और छूट के बाद उपमंडल संगड़ाह में चल रही चूना खदानों से प्रवासी मजदूर घर वापसी कर रहे हैं। मंगलवार को प्रवासी मजदूरों का एक दल वालिया माइन के बागा प्लांट से पैदल ही बिहार के सहरसा जिला के लिए रवाना हो गया।
मजदूर दल के मुखिया रवि कुमार ने बताया कि वह सभी मजदूर होली के उपरांत लगे लॉकडाउन में बिना काम के रह रहे हैं। वह पिछले 4 वर्षों से वालिया माइन पर मजदूरी कर रहे हैं लेकिन उन्हें पिछले 50 दिनों से काम नहीं मिला है। ऊपर से कोरोना वायरस की दहशत के चलते उन्होंने फैसला किया कि अपने वतन को वापस लौटा जाए।
रवि कुमार ने बताया कि उनके पास जितने पैसे थे, वह इतने दिनों में राशन पानी पर खर्च हो गए हैं। यदि खान मालिक ने उन्हें उनकी बकाया राशि दी तो वह कुछ पैसे लेकर अपने घर पहुंच जाएंगे। यदि नहीं मिले तो राम भरोसे वह यहां से अंबाला तक पैदल जा रहे हैं। वहां से यदि उन्हें रेलगाड़ी मिलती है तो उससे बिहार चले जाएंगे यदि नहीं मिली तो वह सैकड़ों मीलों का सफर पैदल ही तय कर अपने घर पहुंचेंगे। इस दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ प्रवासी मजदूरों का यह दल घर की ओर रवाना हो गया है। प्रवासियों के इस दल में नंदन, रुदल, विपिन, जितेंद्र, अमित, दुर्बल ,श्री राम, अकल, राजेश, जय कृष्ण, मिलों, लखन, रवि, भरत, नंदन व सीको आदि पैदल घर को रवाना हो गए।
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