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Sirmour News: अमेरिका के साथ कृषि समझौते के विरोध में किसानों और मजदूरों ने किया प्रदर्शन

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नाहन में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष रैली निकालते किसान और मजदूर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। अमेरिका के साथ किए गए कृषि समझौते और चार लेबर कोड के विरोध में सोमवार को हिमाचल किसान सभा के बैनर तले किसानों और मजदूरों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। वक्ताओं ने कृषि समझौते को रद्द करने और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा।

इससे पूर्व सभी प्रदर्शनकारी रानीताल पार्क में एकत्रित हुए और वहां से रानीझांसी पार्क, चौगान होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए हिमाचल किसान सभा सिरमौर के अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, महासचिव धनीराम शर्मा, उपाध्यक्ष सतपाल मान, वित्त सचिव राम सिंह, संयुक्त सचिव नैन सिंह, उपाध्यक्ष रविंद्र चौहान आदि ने कहा कि सरकार ने किसानों से एमएसपी लागू करने का वादा किया था, लेकिन इसे लागू करने के बजाय विदेशी किसानों और विशेष रूप से अमेरिकी किसानों के लिए भारतीय बाजार खोलने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसान सभा की ओर से मांग की जा रही है कि इस समझौते को तत्काल रद्द किया जाए। अगर केंद्र सरकार अपने फैसले से पीछे नहीं हटती है तो आने वाले समय में देशभर में किसानों को लामबंद कर आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों ने पहले भी 13 महीने तक संघर्ष कर तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाया था और इसी तरह इस समझौते को भी रद्द करवाने के लिए आंदोलन किया जाएगा।
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प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से चार लेबर कोड खत्म करने, किसानों के पुश्तैनी कब्जों को नियमित करने, वन संरक्षण कानून-1980 में संशोधन करने, भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता रद्द करने और सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की मांग उठाई। किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग की गई।-
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