निर्वाचन अधिकारी ने लोकसभा चुनाव में कोताही न बरतने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन(सिरमौर)। आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान अधिकारी प्रत्याशियों और राजनैतिक दलों द्वारा खर्च राशि का सही ब्योरा रखें। इस मामले में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी।
यह बात उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुमित खिमटा ने निर्वाचन व्यय निगरानी (इलेक्शन एक्पेंडिचर मॉनिटरिंग) हेतु नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने बताया कि भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इस दौरान अधिकारी स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य करें।
सहायक आयुक्त एवं निर्वाचन व्यय निगरानी के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी गौरव महाजन ने पीपीटी के माध्यम से राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले खर्चों संबंधी जानकारी सांझा की।
गौरव महाजन ने बताया कि लोकसभा चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 95 लाख और विधानसभा के लिए 40 लाख है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रत्याशियों द्वारा खर्च किए जा रहे व्यय को रजिस्टर में दर्जकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इस मौके पर तहसीलदार निर्वाचन महेंद्र ठाकुर, साख योजना अधिकारी पीएस पराशर चुनाव लिए निर्वाचन व्यय निगरानी समितियों के समस्त अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।