कमरऊ और गंगटोली में पहली बार शुरू होगी बागवानी, 45 बीघा में लगाए जाएंगे फलदार पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
कफोटा (सिरमौर)। सिरमौर के ट्रांसगिरि क्षेत्र के किसानों के लिए जापानी फल कमाई का नया जरिया बन सकता है। शिलाई क्षेत्र के कमरऊ और गंगटोली में हिमाचल शिवा परियोजना के तहत पहली बार जापानी फल की व्यावसायिक बागवानी शुरू की जा रही है। परियोजना के तहत किसानों को सामूहिक रूप से 45 बीघा भूमि उपलब्ध करवानी होगी, जिस पर फलदार पौधे लगाने के साथ आधुनिक सिंचाई और सुरक्षा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
शिवा परियोजना के पहले चरण में कमरऊ और पाब मानल पंचायतों को शामिल किया गया है। किसानों को पलम, अमरूद, खुमानी और जापानी फल की बागवानी का विकल्प मिलेगा। इसके लिए तीन किसान 15-15 बीघा भूमि उपलब्ध करवाकर भी परियोजना शुरू कर सकते हैं। इससे छोटे और मध्यम किसानों को सामूहिक रूप से व्यावसायिक बागवानी से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
परियोजना के तहत चयनित भूमि को समतल करने, तारबाड़ लगाने और ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था का खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। वहीं, पौधों के रखरखाव की जिम्मेदारी किसानों की होगी। बाग तैयार होने के बाद उत्पाद की बिक्री से होने वाली आय भी किसानों को ही प्राप्त होगी। ऐसे में परियोजना से किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाएं देखी जा रही हैं।
सेब के विकल्प के रूप में जापानी फल पर नजर
शिलाई क्षेत्र में कई किसान सेब की बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन उत्पादन लागत और बाजार से मिलने वाले मूल्य के बीच संतुलन चुनौती बना हुआ है। ऐसे में जापानी फल को किसानों के लिए वैकल्पिक व्यावसायिक फसल के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग के अनुसार जापानी फल की बाजार में मांग और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना को देखते हुए आने वाले समय में इसकी बागवानी किसानों के लिए आय का अच्छा साधन बन सकती है।
यदि कमरऊ और गंगटोली में जापानी फल की बागवानी के परिणाम बेहतर रहते हैं तो उद्यान विभाग ट्रांसगिरि क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी इसका विस्तार कर सकता है। इससे क्षेत्र में फल उत्पादन का दायरा बढ़ने के साथ किसानों के लिए आय के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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1292 करोड़ की शिवा परियोजना से बागवानी को बढ़ावा
एशियाई विकास बैंक की सहायता से हिमाचल प्रदेश में करीब 1292 करोड़ रुपये की शिवा परियोजना चलाई जा रही है। परियोजना का उद्देश्य फलदार फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय के नए स्रोत विकसित करना है। कमरऊ और गंगटोली में जापानी फल की शुरुआत इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इच्छुक किसान कर सकते हैं आवेदन
उद्यान विभाग पांवटा के विषय विशेषज्ञ डॉ. अमित बख्शी ने बताया कि शिवा परियोजना के तहत फिलहाल कमरऊ और गंगटोली में फलदार पौधों की बागवानी शुरू की जा रही है। इच्छुक किसान परियोजना के तहत फलदार पौधे लगवाने के लिए जिला उद्यान विभाग में आवेदन कर सकते हैं।-