वोट चोरी के आरोपों पर स्वतंत्र जांच की मांग, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की उठाई आवाज
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में वैध मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाकर की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठे विवाद के बीच शनिवार को पांवटा साहिब में विभिन्न जनवादी संगठनों और किसान सभाओं ने धरना-प्रदर्शन किया। देशव्यापी विरोध के आह्वान पर नगर परिषद खेल मैदान के समीप एकत्रित कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे, गिरफ्तारी और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करवाने की मांग उठाई।
सीटू के जिला महासचिव आशीष कुमार और हिमाचल किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह गोपी ने कहा कि यह विरोध एसआईआर की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के आरोपों के विरोध में किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। जनवादी संगठनों ने इसे वोट चोरी करार देते हुए कहा कि मताधिकार लोकतंत्र का मूल आधार है और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करवाई जाए, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के प्रदेश अध्यक्ष तरसेम सिंह सग्गी, हिमाचल किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष गुरविंद्र सिंह गोपी, सीटू के जिला महासचिव आशीष कुमार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इकाई की अध्यक्ष माया देवी सहित विभिन्न संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।संवाद।
विभिन्न जनवादी संगठनों व किसान सभा ने पांवटा साहिब में किया धरना प्रदर्शन, सीईसी पुतला फूंका