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Sirmour News: वसीयत विवाद में अंतरिम राहत, पैतृक संपत्ति बेचने पर रोक

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संवाद न्यूज एजेंसी
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नाहन (सिरमौर)। पैतृक संपत्ति और कथित फर्जी वसीयत से जुड़े विवाद में न्यायालय ने अंतरिम आदेश पारित किया है। सिविल जज विकास कपूर की अदालत ने प्रतिवादी भाइयों को मृतक मिर्जू राम की संपत्ति में प्राकृतिक उत्तराधिकार से अधिक हिस्से का विक्रय, हस्तांतरण अथवा उस पर किसी तीसरे पक्ष का हित सृजित करने से रोक दिया है।
मामला उपमंडल शिलाई क्षेत्र का है। रमेश कुमार ने अदालत में दावा किया कि उसके भाइयों ने 9 मई, 2025 की कथित वसीयत के आधार पर पूरी संपत्ति अपने नाम कराने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि वसीयत संदिग्ध परिस्थितियों में तैयार की गई। उस समय मृतक की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। वादी को जानबूझकर उत्तराधिकार से वंचित किया गया।
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सुनवाई के दौरान प्रतिवादी अदालत में उपस्थित नहीं हुए। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि विवादित वसीयत के आधार पर अभी तक कोई नामांतरण (म्यूटेशन) स्वीकृत नहीं किया गया है। राजस्व संबंधी कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी।
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अदालत ने माना कि प्रथम दृष्टया वादी के दावों में विचारणीय आधार हैं। न्यायालय ने कहा कि यदि इस बीच संपत्ति का हस्तांतरण किया तो भविष्य में विवाद और मुकदमेबाजी जटिल हो सकती है। इसी आधार पर अदालत ने प्रतिवादियों को प्राकृतिक उत्तराधिकार से अधिक हिस्से पर किसी तीसरे पक्ष का हित सृजित करने से रोकने का अंतरिम आदेश पारित किया। हालांकि, अदालत ने राजस्व अधिकारियों को नामांतरण (म्यूटेशन) की कार्रवाई पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया।
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