17 दिसंबर 2019 को पुरुवाला थाना का मामला, न्यायाधीश कपिल शर्मा ने सुनाया फैसला
परिजनों ने उचित मुआवजे के लिए एमएसीटी में लगाई थी गुहार, बीमा कंपनी को भुगतान करने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिले के पुरुवाला क्षेत्र में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के परिजनों को मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। पीठासीन अधिकारी कपिल शर्मा ने यह मुआवजा कोलकाता स्थित मेग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी (बीमा कंपनी) को अदा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, याचिका दायर करने की तिथि से राशि के भुगतान तक 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
17 दिसंबर 2019 को शाम 3:45 बजे निक्कू राम ट्रैक्टर-ट्रॉली में पत्थर लादकर चंदेल स्टोन क्रशर के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान ट्रॉली का जोड़ दबाव के कारण निकल गया। इससे ट्रैक्टर पलट गया और चालक की मौके पर मौत हो गई। बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि ट्रैक्टर कृषि उपयोग के बजाय व्यवसायिक कार्य में लगाया गया था और चालक की लापरवाही से दुर्घटना हुई है।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधिकरण ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि निक्कू राम की मौत ट्रैक्टर के उपयोग के दौरान दुर्घटना से हुई थी। इसलिए याचिका पूरी तरह से मान्य है। यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के समय ट्रैक्टर बीमित था और चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस था। इसलिए मुआवजा पाने के लिए लापरवाही साबित करना आवश्यक नहीं है। इसी आधार पर पत्नी को 40 प्रतिशत, नाबालिग बेटे व मां को 30-30 प्रतिशत 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश पारित किया गया। न्यायाधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि नाबालिग बच्चे की राशि किसी राष्ट्रीय बैंक में एफडी के रूप में जमा रहेगी। उसके बालिग होने पर उसे यह राशि दी जाएगी।