कालाअंब में आयोजित किया गया जागरूकता कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। भारत सरकार की एमएसएमई के प्रदर्शन को बढ़ाना और तेज करना योजना (आरएएमपी) और इंडस्ट्री 4.0 टेक्नोलॉजी पर जागरूकता के लिए कालाअंब के जोहड़ों में उद्योग विभाग के भवन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्थानीय उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सत्र की अध्यक्षता डीआईसी कालाअंब के सदस्य सचिव गुरुप्यारा राम ने की।
कार्यशाला में आयोजक सीईएल के विषय विशेषज्ञ इलैयाराजा सावरी मारियादास ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), मशीन लर्निंग (एमएल), स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, और एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) और कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (सीपीएम) सिस्टम जैसी डिजिटल टेक्नोलॉजी एमएसएमई को संचालन को आधुनिक बनाने, गुणवत्ता में सुधार करने और लागत कम करने में कैसे मदद कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की ओर से समर्थित आरएएमपी पहल, एमएसएमई इकोसिस्टम को मजबूत करने, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन को बढ़ावा देने और उद्योगों की क्षमता का निर्माण करने पर केंद्रित है ताकि वे विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकें। जागरूकता सत्र में हिमाचल प्रदेश में उद्यमों के बीच डिजिटल परिवर्तन को सुविधाजनक बनाने के लिए आरएएमपी के तहत उपलब्ध योजनाओं, टूलकिट और सहायता तंत्र पर भी चर्चा की गई।
गुरुप्यारा राम ने एमएसएमई के लिए लचीला बने रहने और भविष्य के लिए तैयार रहने के लिए स्मार्ट टेक्नोलॉजी अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों को सरकारी सहायता का लाभ उठाने और अपने स्थायी विकास के लिए ऐसी पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस कार्यक्रम में एमएसएमई प्रतिनिधियों, टेक्नोलॉजी भागीदारों और उद्योग विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।