शिलाई (सिरमौर)। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिलाई में जनसभा के बीच अपना भावनात्मक कार्ड खेला। उन्होंने शिलाई को अपने गृह क्षेत्र सराज जैसा करार दिया। मुख्यमंत्री ने खुद को गरीब तबके का बताकर खास नहीं आम मुख्यमंत्री होने का एहसास जताकर लोगों को रिझाने के जमकर प्रयास किए।
उन्होंने कहा कि गरीबी में पला हूं, इसलिए गरीबों की चिंताओं और आवश्यकताओं से वह भली भांति परिचित हैं। ऐसे में उन्होंने पौने पांच साल में प्रदेश में योजनाओं का खाका गरीबों को ध्यान में रखते हुए खींचा और योजनाएं परवान चढ़ाई। जनसभा के दौरान उन्होंने लोगों का जोश देखकर कहा कि वह भी अब खुद को हाटी महसूस कर रहे हैं। लिहाजा, इस बात से मुख्यमंत्री ने लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की कि हाटी समुदाय के जनजातीय मांग को पूरा करना उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय हाटी समिति ने इस मांग को सरकार के समक्ष बखूबी तरीके से रखा है तो उन्होंने भी लगातार केंद्र सरकार से इस मांग को पूरा करने की पुरजोर कोशिश की है। यही नहीं जब भी उन्हें मौका मिला है तो केंद्र सरकार के समक्ष इस मांग को पूरी करवाने की कोई कसर नहीं छोड़ी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके कार्यकाल में हुए शिलाई के विकास और प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर भाजपा को वोट देने की अपील की।
अपने पूरे भाषण में जयराम ठाकुर ने यह जताने का भी प्रयास किया कि उन्होंने सराज से ज्यादा शिलाई का विकास किया है। मजाकिया अंदाज में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर उनके गृह क्षेत्र के लोगों को पता चल गया तो कहेंगे कि चुनाव भी शिलाई से ही लड़ लो। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री ने जनसभा में समां बांधने से लेकर लोगों की वाहवाही लूटने में अपनी कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी।
उधर, मुख्यमंत्री के भाषण से लोग भी काफी उत्साहित दिखे। यही नहीं लोगों ने मुख्यमंत्री की हर बात पर गर्मजोशी से तालियां, सीटियां बजाकर आभार जताया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री को हाटियों का नेता घोषित कर दिया।
शिलाई में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर। संवाद- फोटो : NAHAN
आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम में शिलाई पहुंचने पर लोगों का अभिभावदन स्वीकारते मुख्यमंत्री ज?- फोटो : NAHAN