संवाद न्यूज एजेंसी
नौहराधार (सिरमौर)। हिमाचल परिवहन के चालकों और परिचालकों की मनमानी सैकड़ों यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। नाहन से बढ़ोल के रूट पर जाने वाली एचआरटीसी की बस दो-तीन दिनों से हरिपुरधार तक ही आ रही है। तीन पंचायतों के लिए जिला मुख्यालय से यह आखिरी बस सेवा है। देर शाम करीब आठ बजे तक हरिपुरधार में दर्जनों यात्री इस बस का इंतजार करते हैं, मगर हरिपुरधार पहुंचने के बाद बस के चालक और परिचालक वहां से जाने के लिए मना कर देते हैं।
शनिवार शाम को भी करीब दो दर्जन से अधिक सवारियां इस बस का इंतजार कर रहीं थीं। देर शाम करीब साढ़े सात बजे जब बस हरिपुरधार पहुंची तो चालक-चरिचालक ने खराब मौसम की बात कही और बस को बढ़ोल ले जाने से साफ इंकार किया। हैरान करने वाली बात यह थी कि मौसम पूरी तरह से साफ था। आसमान में तारे दिखाई दे रहे थे मगर उसके बावजूद भी चालक-परिचालक खराब मौसम का बहाना बना कर मनमानी करने लगे।
यात्री नरेश कुमार, कपिल, केदार व तपेंद्र ने बताया कि चालक ने बढ़ोल जाने से तो इंकार किया, ही साथ ही सवारियों के साथ बदसलूकी की और पुलिस में केस दर्ज करने की भी धमकी दी। यात्रियों ने बताया कि उसके बाद क्षेत्र के लिए कोई भी अन्य बस सेवा न होने के कारण कइयों को रात हरिपुरधार में ही गुजारनी पड़ी। इस रूट पर चालकों-परिचालकों की मनमानी का यह पहला मामला नहीं है पहले भी कई बार ऐसे ड्रामे हो चुके हैं। जनवरी में भी करीब 10 दिनों तक यह बस हरिपुरधार से आगे नहीं गई थी। उस दौरान आरएम व एक्सईएन के हस्तक्षेप से ही बस को बढ़ोल भेजा गया।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक रामदयाल ने बताया कि तीन-चार दिनों में क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण टटवा के समीप सड़क के धंसने का खतरा है। इसलिए बस को बढ़ोल जाने से रोका गया है।
लोक निर्माण विभाग संगड़ाह के एक्सईएन राम सिंह ने बताया कि सड़क पूरी तरह से ठीक है। सड़क पर रोजाना अन्य बसें और भारी वाहनों की आवाजाही नियमित रूप से हो रही है। उन्होंने बताया कि आरएम नाहन को भी उन्होंने सड़क की जानकारी दे दी है और उन्हें बता दिया है कि भारी बरसात में ही सड़क के धंसने का खतरा हो सकता है। साफ मौसम के दौरान कोई खतरा नहीं है।
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