अपराजिता मुहिम : मार्शल आर्ट के प्रशिक्षक जावेद उल्फत ने आत्मरक्षा की तकनीकों की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/कालाअंब (सिरमौर)। वॉर टाइम कॉमबेट सिस्टम (मार्शल हार्ट अकादमी) के मुख्य प्रशिक्षक जावेद उल्फत ने हिमालयन संस्थान कालाअंब में प्रशिक्षु छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। संस्थान में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के उपाध्यक्ष विकास बंसल ने की, जबकि मुख्यातिथि के रूप में पधारे मार्शल आर्ट कोच जावेद उल्फत ने छात्राओं को कठिन परिस्थितियों में खुद का बचाव कैसे करें, इसके गुर सिखाए। जावेद उल्फत ने छात्राओं को हमलावर के नाजुक अंगों जैसे आंख, नाक और कान पर प्रहार करके खुद के बचाव करने की तकनीक बताई। हमलावर की गिरफ्त से खुद को छुड़ाने के उपाय भी बताए। इसके लिए डैमो दिया गया। एक प्रशिक्षु छात्रा ने मंच पर आकर खुद पर इन तकनीकों का प्रयोग किया। तकनीक कामयाब होते देखकर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। इस मौके पर लड़कियों ने कई सवाल-जवाब भी किए। इस दौरान जावेद उल्फत ने कहा कि मार्शल आर्ट से आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे सिर उठाकर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने मार्शल आर्ट की जरूरत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शरीर का सबसे नाजुक अंग आंख है। कठिन परिस्थितियों में ताकतवर से ताकतवर हमलावर की आंखों पर प्रहार करके खुद का बचाव किया जा सकता है। संस्थान के उपाध्यक्ष विकास बंसल ने समाज में लड़कियों के योगदान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लड़कियों को उच्च शिक्षा लेने का प्रयास हर हाल में करना चाहिए। उन्होंने संस्थान में कार्यक्रम के आयोजन को लेकर अमर उजाला का धन्यवाद भी किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से छात्राओं को बहुत कुछ नया सीखने को मिलता है, जो भविष्य में काफी कारगर साबित होगा। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के उपाध्यक्ष विकास बंसल, शिक्षिका सुनैना व अंजली, अनीता सचदेवा, विजय चौहान भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में कराटे की तकनीक सिखाई, इससे आत्मविश्वास बढ़ा
1. प्रशिक्षु वंशिका ने कहा कि मार्शल आर्ट की जो तकनीक सिखाई वह बहुत उपयोगी दिखाई दी। कभी जरूरत पड़ी तो इन्हीं तकनीकों का इस्तेमाल कर अपना बचाव करूंगी।
2. शिक्षिका विजय चौहान ने कहा कि हमलावर के नाजुक अंगों पर अटैक करके जो खुद को सुरक्षित रखने की तकनीक सिखाई, वह कमाल की थी। खुद का बचाव इतना आसान होगा, पहले कभी सोचा भी नहीं था।
3. शिक्षिका अनीता सचदेवा ने कहा कि स्कूल टाइम में मार्शल आर्ट सीख चुकी हूं। एक बार तीन लड़के जो चोरी के इरादे से मेरा पीछा कर रहे थे, उनको मार्शल आर्ट के कारण ही सबक सिखाने में कामयाब रही।
4. प्रशिक्षु टिवंकल ने कहा कि डर की वजह से हम कई बार हालात का मुकाबला नहीं कर पाती हैं। आज कार्यक्रम में जाना कि कैसे हम कितनी आसानी से खुद का बचाव कर सकती हैं।
5. प्रशिक्षु नीलू ने कहा कि मार्शल आर्ट की जो मौलिक जानकारी दी गई, उससे प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने में आसानी होगी। हर तकनीक बहुत ही आसान तरीके से समझाई गई।
हिमालयन संस्थान कालाअंब में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद प्रशिक्षक, शिक्षक एवं प्र
हिमालयन संस्थान कालाअंब में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद प्रशिक्षक, शिक्षक एवं प्र
हिमालयन संस्थान कालाअंब में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद प्रशिक्षक, शिक्षक एवं प्र
हिमालयन संस्थान कालाअंब में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद प्रशिक्षक, शिक्षक एवं प्र