नाहन (सिरमौर)। सिरमौर जिले के सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को निजी क्लीनिकों में जेब ढीली करनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज नाहन को छोड़कर जिले में कहीं भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
मेडिकल कॉलेज में भी अत्यधिक बोझ होने के कारण साधारण मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों को एक सप्ताह से भी अधिक दिनों के बाद की तिथि दी जा रही है। मजबूरन लोग निजी अस्पतालों की शरण में जा रहे हैं।
सिरमौर जिले के राजगढ़, पांवटा साहिब और ददाहू में अल्ट्रासाउंड की सुविधाएं लगाने के लिए वर्षों पहले मशीनें लगाई गई हैं। तब से अब तक यह मशीनें रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण धूल फांक रही है। बिना प्रयोग के मशीनें खराब हो रही हैं। राजगढ़ में लगी मशीन खराब हो गई है। अब सरकार ने यहां रेडियोलॉजिस्ट तो तैनात कर दिया है, लेकिन मशीन कार्य नहीं कर रही।
ददाहू और पांवटा साहिब अस्पताल में सरकार रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं कर रही। परिणामस्वरूप लोग निजी अस्पताल में अपना उपचार करने को विवश हो रहे हैं। उधर, मेडिकल कॉलेज में तीन रेडियोलॉजिस्ट सेवाएं दे रहे हैं लेकिन मरीजों की तादात अधिक होने के कारण यहां सभी के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे। मरीजों को तिथि लिखकर आने के लिए कहा जा रहा है।
सुनील कुमार, सुनीता देवी, विशाल पुंडीर ने कहा कि लाखों रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड मशीनें सरकार ने लगा रखीं हैं लेकिन बिना प्रयोग के यह बेकार पड़ी हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट सुधीर रमौल का कहना है कि सरकार को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने की जरूरत है। चिकित्सक अल्ट्रासाउंड के लिए लिख देते हैं लेकिन अस्पतालों में यह सुविधा नहीं मिल पाती। मजबूरन लोग निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए विवश हैं।
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साधारण मरीजों को दी जाती है अगली तिथि : चिकित्सा अधीक्षक
मेडिकल कॉलेज नाहन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल कौशिक का कहना है कि मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण सभी के अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाते। गर्भवती महिलाओं और अन्य साधारण मरीजों को अगली तिथि दी जाती है। हालांकि, इमरजेंसी और बच्चों के अल्ट्रासाउंड उसी दिन करवाए जाते हैं।
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राजगढ़ में शीघ्र नई मशीन लगाई जा रही है : डॉ. पराशर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके पराशर ने बताया कि राजगढ़ में लगी अल्ट्रासाउंड मशीन खराब हो गई है। वहां जल्द ही नई मशीन लगाई जा रही है। ददाहू और पांवटा साहिब में मशीनें तो उपलब्ध हैं लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण उनका उपयोग नहीं हो पा रहा। इस बारे में आला अधिकारियों को पत्राचार किया गया है।