नाहन (सिरमौर)। देश सहित प्रदेश में एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ गए हैं जिससे लोगों में खौफ है। कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों के कारण स्कूलों में ताला तक लग चुका है। सरकार और जिला प्रशासन कोरोना से बचाव को लेकर लोगों को लगातार एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं लेकिन लोगों पर इसका कोई असर नहीं है। लोग सामाजिक दूरी बनाए रखने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सरकार के मंत्री और विधायकों के अधिकतर कार्यक्रमों में भी सामाजिक दूरी नहीं अपनाई जा रही। दिवाली पर्व पर बाजारों में लोगों का हुजूम उमड़ा। लोगों ने मास्क तक नहीं लगा रखा था जिससे शहर के जागरूक लोगों में ऐसे लोगों के प्रति भारी नाराजगी है। इस संदर्भ में जब ‘अमर उजाला’ ने बुद्धिजीवियों से बात की तो उनकी नाराजगी कुछ यूं झलकी।
-साहित्यकार भुवन जोशी ने कहा कि प्रशासन हर व्यक्ति पर नजर नहीं रख सकता। हर व्यक्ति खुद और समाज के प्रति अपनी जिम्मेवारी समझें। घर से बाहर मास्क लगाकर और सामाजिक दूरी बनाए रखे।
-सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राजकुमार शर्मा ने कहा कि सरकार ने लोगों को जो समझाना था समझा दिया। कोरोना से बचाव के लिए लोगों को खुद आगे आने की आवश्यकता है। हर काम डंडे से हो यह जरूरी नहीं होना चाहिए।
-डॉ. पारूल चौहान ने कहा कि लोगों को सरकार को सहयोग देना चाहिए। घर से बाहर निकलें तो सामाजिक दूरी बनाए रखें। अनावश्यक रूप से वस्तुओं को न टच करें और मास्क लगाए रखें, तभी हम खुद और परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।
-वरिष्ठ नागरिक जगमोहन सिंह भंडारी ने कहा कि जब तक कोरोना की दवा बन नहीं जाती तब तक लोग समझदारी से काम लें। भीड़ से खुद को बचाकर रखें तभी हम कोरोना से निपट सकते हैं।