चड़ीगढ़ से लाए गए विद्यार्थियों का चैकअप करती स्वास्थ्य कर्मी।
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कालाअंब (सिरमौर)। कोरोना वायरस के चलते देशभर में लगे लॉकडाउन के चलते चंडीगढ़ सहित बाहरी राज्यों में फंसे विद्यार्थी और अन्य लोगों का सिरमौर पहुंचना शुरू हो गया है। मंगलवार को एचआरटीसी की सात बसों में 169 लोग सिरमौर पहुंचे।
हरियाणा-हिमाचल की सीमा पर स्थित कालाअंब बैरियर में ही सभी बसें रोकी गईं। यहां पर सभी की स्वास्थ्य जांच की गई। थर्मल स्क्रीनिंग और मेडिकल जांच के बाद सभी को संस्थागत क्वारंटीन में रहने के आदेश हुए हैं। सभी लोग 14 दिनों तक क्वारंटीन सेंटर में रखे जाएंगे।
कालाअंब स्थित आबकारी एवं कराधान विभाग के कार्यालय परिसर में बाहरी राज्यों से लाए गए सभी लोगों का स्वास्थ्य जांचा गया। मंगलवार सुबह जिला सिरमौर के 169 लोगों को लेकर हिमाचल पथ परिवहन निगम की 7 बसें कालाअंब पहुंची जहां इन्हें 14 दिन के लिए संस्थागत क्वारंटीन कर दिया गया है।
उपायुक्त डॉ. आरके परुथी ने बताया कि जिला सिरमौर से चंडीगढ़ गई 7 बसें बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को लेकर चंडीगढ़ से कालाअंब पहुंची और सभी यात्रियों को बसों से उतार कर मौके पर आई मेडिकल टीम ने सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की। इसके साथ ही सैनिटाइजेशन भी किया गया। इसके बाद सभी को क्वारंटीन कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार चंडीगढ़ और अन्य राज्यों में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी और काम के लिए गए हिमाचली लोग लॉकडाउन के चलते पिछले 40 दिनों से बाहरी राज्यों में फंसे हुए थे जिन्हें सरकार की ओर से एचआरटीसी की बसों के माध्यम से जिला में वापस लाया गया है।
इसके अंतर्गत पिछले कल जिला सिरमौर से 7 बसों को चंडीगढ़ के हिमाचल भवन भेेेेजा गया था। चंडीगढ़ से लाए गए सभी लोगों में से शिलाई और पांवटा के लोग पांवटा साहिब स्थित संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में रखे गए हैं। जबकि नाहन, संगड़ाह और पच्छाद के लोगों को हिमालयन संस्थागत क्वारंटीन सेंटर कालाअंब में रखा गया है।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अजय कृष्ण शर्मा, एसडीएम नाहन विवेक शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोडा भी उपस्थित थे।
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