बीआरसी कार्यालय पांवटा में एलिम्को के डाक्टरों की टीम ने की बच्चों की जांच
तीन शिक्षा खंडों से आए विशेष बच्चों को उपलब्ध करवाए जाएंगे उपकरण
विशेष बच्चों को सहायता उपकरण प्रदान करने के लिए समग्र शिक्षा का प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। जिला परियोजना अधिकारी कार्यालय (समग्र शिक्षा) की ओर से बीआरसी कार्यालय पांवटा साहिब में मंगलवार को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए चिकित्सा मूल्यांकन शिविर आयोजित किया गया। इसमें तीन शिक्षा खंडों से आए प्री प्राइमरी से 12वीं कक्षा तक के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने भाग लिया। इन बच्चों की भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) चनालोन, पंजाब से आई चिकित्सकों की टीम ने जांच की।
चिकित्सा मूल्यांकन शिविर का मकसद विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को कृत्रिम अंग और जरूरी का सामान उपलब्ध करवाना है। इसके लिए जिला परियोजना अधिकारी कार्यालय की ओर से प्रत्येक शिक्षा खंड के लिए 10 हजार रुपये की राशि भी निर्धारित की गई है। बीआरसी कार्यालय पांवटा साहिब में मंगलवार को पांवटा साहिब, माजरा और खोड़ोवाला शिक्षा खंड के विशेष बच्चों ने अपने अभिभावकों के साथ शिविर में पहुंचकर अपना मेजरमेंट करवाया। यहां पांवटा खंड के 35, माजरा खंड के 20 और खोड़ोवाला खंड के 15 विशेष बच्चों ने अपना पंजीकरण करवाकर जांच करवाई।
डाइट नाहन से योजना की समन्वयक शिवानी थापा ने बताया कि एलिम्को दिव्यांग बच्चों के लिए कृत्रिम अंग, ऑर्थोटिक्स, श्रवण यंत्र, गतिशीलता सहायता जैसे व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल और शिक्षण सामग्री जैसे एमएसआईईडी किट जैसी कई तरह की चीजें उपलब्ध कराता है। ये उपकरण दिव्यांग बच्चों की शारीरिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और उनकी शिक्षा और दैनिक गतिविधियों में मदद करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
शिवानी थापा ने बताया कि सतौन, कफोटा, बकरास और शिलाई खंड के बच्चों के लिए 12 नवंबर को शिलाई में यह शिविर लगाया जाएगा। इसके अलावा राजगढ़, नौहराधार, नारग व संगड़ाह खंड के लिए राजगढ़ में 13 नवंबर को यह शिविर लगेगा। पहले दिन नाहन में 42 विशेष बच्चों ने अपना पंजीकरण करवाया है।
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