चोट लगने पर लंबे समय तक खून बहना, चिड़चिड़ापन हैं बीमारी के लक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हीमोफीलिया एक दुर्लभ रक्त विकार है, जिसमें रक्त के जमने की क्षमता कम हो जाती है। यदि किसी को यह विकार है तो उसे चोट लगने पर खून बहुत देर तक बह सकता है। यदि चोट गंभीर हो तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। यह कहना है खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनीषा अग्रवाल का।
उन्होंने बताया कि यह विकार रक्त जमने वाले प्रोटीन की कमी से होता है, जिसे हम प्लेटलेट्स कहते हैं। यदि किसी महिला को हीमोफीलिया है तो उसके होने वाले जन्मजात लड़के को भी यह हो सकता है। हीमोफीलिया में खून बहने को रोकने वाले फैक्टर की संख्या कम हो जाते हैं। रक्त की क्लोटिंग का समय बढ़ जाता है, जिससे मनुष्य की जान को खतरा हो सकता है।
उन्होंने बताया कि अत्यधिक और असामान्य रक्तस्राव है, जो मामूली चोट, सर्जरी या दांत निकालने के बाद भी लंबे समय तक खून बहने के रूप में, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द व सूजन, बार-बार नाक से खून आना, मूत्र या मल में खून आना और शिशुओं में बिना किसी कारण के चिड़चिड़ापन इसके लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि चोटों से बचना, नियमित व्यायाम करना, अच्छी मौखिक स्वच्छता रखने से लोग इस विकार से बच सकते हैं।