गुरुद्वारा नाहन के लंगर हॉल में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु। संवाद
-गुरुद्वारा परिसरों में कीर्तन समागमों का आयोजन, गुरबाणी कीर्तन से निहाल हुईं संगत
-पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/पांवटा साहिब (सिरमौर)। गुरु नगरी पांवटा साहिब और नाहन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर गुरुद्वारा दशमेश आस्थान नाहन और ऐतिहासिक गुरुद्वारा पांवटा साहिब को आकर्षक ढंग से सजाया गया। गुरुद्वारा परिसरों की भव्य सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रकाश उत्सव के मौके पर बड़ी संख्या में संगतों ने गुरुद्वारों में माथा टेका और गुरु घर का आशीर्वाद लिया।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में सर्वप्रथम अखंड पाठ साहिब की समाप्ति हुई। इसके बाद गुरुद्वारा परिसरों में कीर्तन समागम आयोजित किए गए। पंथ प्रसिद्ध रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर दरबार साहिब में मौजूद संगतें निहाल हुईं। धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे।
गुरुद्वारा दशमेश आस्थान साहिब नाहन में अटूट लंगर भी बरताया गया। इसमें नाहन शहर और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरुद्वारा परिसर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा और संगतें गुरबाणी का श्रवण करती रहीं। गौरतलब है कि वर्ष 1604 में इसी दिन अमृतसर स्थित श्री हरिमंदिर साहिब में सिखों के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जुन देव जी महाराज ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहली बार प्रकाश करवाया था। उन्होंने बाबा बुड्ढा जी को प्रथम मुख्य ग्रंथी नियुक्त किया था।