फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour News: गुरु पूर्णिमा पर रेणुकाजी में उमड़ा आस्था का सैलाब, गुरुओं के चरणों में नतमस्तक हुए श्रद्धालु

विज्ञापन
रेणुकाजी में गुरु पूर्णिमा के मौके पर शिष्यों को आशीर्वाद प्रदान करते महात्मा रेणेन्द्र मुनि।सं
विज्ञापन
-महंत रेणेंद्र मुनि बोले, गुरु ही सिखाता है मर्यादा, संस्कार और सदमार्ग पर चलने की सीख
विज्ञापन


-रेणुका झील में ब्रह्म मुहूर्त से शाही स्नान, प्रवचन, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे में जुटी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
ददाहू (सिरमौर)। गुरु-शिष्य परंपरा के अटूट विश्वास और आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक गुरु पूर्णिमा पर्व बुधवार को रेणुकाजी तीर्थ में श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं और शिष्यों ने अपने-अपने गुरुओं की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। विभिन्न आश्रमों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, भजन-कीर्तन और भंडारों का आयोजन हुआ।
रेणुकाजी तीर्थ स्थित निर्वाण आश्रम में गुरु पूर्णिमा पूजा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्मलीन महात्मा सुंदरमुनि निर्वाण की प्रतिमा पर जलाभिषेक एवं पुष्पवर्षा के साथ हुआ। निर्वाण आश्रम के संचालक एवं महंत महात्मा रेणेंद्र मुनि ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। गुरु ही मनुष्य को संस्कार, शिक्षा और मर्यादा का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिष्य का कर्तव्य है कि वह अपने गुरु का सम्मान करते हुए उनके बताए सदमार्ग पर जीवन व्यतीत करे।
विज्ञापन

महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद भारती ने कहा कि गुरु वह आध्यात्मिक शक्ति है, जो शिष्य को अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती है। गुरु हर परिस्थिति में अपने शिष्यों का मार्गदर्शन और संरक्षण करता है। उन्होंने गुरु भक्ति को जीवन की सबसे बड़ी साधना बताया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर संन्यास आश्रम रेणुकाजी, धारटीधार क्षेत्र की पावन तपोस्थली दिग्योण स्थित ब्रह्मचारी आश्रम, गुरु स्थान बायरी सहित विभिन्न संत-महात्माओं के आश्रमों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों शिष्यों ने अपने गुरुओं के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक प्रवचनों, भक्ति संगीत और भजन-कीर्तन के बाद आयोजित विशाल भंडारों में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन


इनसेट
रेणुका झील में शाही स्नान कर श्रद्धालुओं ने की परिक्रमा
ददाहू। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को हजारों श्रद्धालुओं ने ऐतिहासिक रेणुका झील में ब्रह्म मुहूर्त से शाही स्नान किया। स्नान का सिलसिला सुबह से शुरू होकर दोपहर बाद तक जारी रहा। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने पवित्र रेणुका झील की परिक्रमा कर गुरु पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा के दिन रेणुका झील में स्नान कर गुरु के चरणों में उपस्थित होने से गुरु की कृपा सदैव बनी रहती है। इसी आस्था के चलते दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ गुरु वंदना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

रेणुकाजी में गुरु पूर्णिमा के मौके पर शिष्यों को आशीर्वाद प्रदान करते महात्मा रेणेन्द्र मुनि।सं

रेणुकाजी में गुरु पूर्णिमा के मौके पर शिष्यों को आशीर्वाद प्रदान करते महात्मा रेणेन्द्र मुनि।सं

रेणुकाजी में गुरु पूर्णिमा के मौके पर शिष्यों को आशीर्वाद प्रदान करते महात्मा रेणेन्द्र मुनि।सं

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें