ग्राउंड रिपोर्ट
-34 पंचायतों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, ओपीडी, लैब, डेंटल यूनिट और औषधि भंडार तक पहुंच रहा पानी
-छत से झड़ रहा पलस्तर, दीवारों-नलों में करंट आने का दावा स्टाफ बोला- कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
देवराज शर्मा
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र की 34 पंचायतों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाला सराहां सिविल अस्पताल इन दिनों अपनी जर्जर इमारत के कारण खुद मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए चुनौती बन गया है। बरसात के मौसम में अस्पताल के पुराने भवन की छतों से लगातार पानी टपक रहा है, जबकि कई कमरों की दीवारों और खिड़कियों से भी पानी अंदर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बारिश के दौरान डॉक्टरों और कर्मचारियों को कई बार अपने कार्यालय छोड़ने पड़ते हैं, जिससे मरीजों को उपचार के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
दरअसल, पुराने भवन में संचालित मातृ-शिशु केंद्र, प्रयोगशाला, डेंटल ओपीडी, डिस्पेंसरी, नई दिशा केंद्र और औषधि भंडार सहित कई कमरों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। कई स्थानों पर छतों से पानी टपक रहा है। दीवारों से पलस्तर झड़ रहा है। कमरों में फाइलों और अस्पताल के रिकॉर्ड को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि कई बार दीवारों और पानी के नलों में करंट आने जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इसकी शिकायत विद्युत बोर्ड को कई बार दी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते इस भवन को सुरक्षित नहीं बनाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासी तारा दत्त शर्मा, सोम ठाकुर, अरुण शर्मा, विद्या दत्त, कमल ठाकुर, सुरजन सिंह, भूपेंद्र ठाकुर, रक्षा देवी, सुमन शर्मा, शकुंतला चौहान और सपना शर्मा ने बताया कि अस्पताल के पुराने भवन की अधिकांश छतें बारिश में टपकने लगती हैं। दीवारों और खिड़कियों से भी पानी अंदर आने के कारण ओपीडी में उपचार व्यवस्था प्रभावित होती है। उनका कहना है कि हाल ही में हुई बारिश के दौरान ओपीडी में इतना पानी भर गया कि डॉक्टरों को भी अपनी सीट छोड़नी पड़ी। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि सराहां सिविल अस्पताल पच्छाद की 34 पंचायतों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। इसके बावजूद भवन की बदहाल स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जर्जर भवन को तत्काल सुरक्षित बनाया जाए अथवा पुराने हिस्से को हटाकर नया भवन बनाया जाए, ताकि किसी संभावित हादसे से पहले स्थायी समाधान हो सके।
खंड चिकित्सा अधिकारी पच्छाद डॉ. पुनीत शर्मा ने बताया कि जिन कमरों में पानी के रिसाव और पलस्तर झड़ने की समस्या है, उसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत होते ही आवश्यक सुधार कार्य शुरू कर दिया जाएगा। संवाद-
सराहां अस्पताल के पुराने भवन की छत से उखड़ा प्लास्टर। संवाद
सराहां अस्पताल के पुराने भवन की छत से उखड़ा प्लास्टर। संवाद