अदरक के दामों में बढ़ोतरी, 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंचे
दिल्ली समेत उत्तरी भारत की कई मंडियों में पहुंच रहा अदरक
दामों में बढ़ोतरी से इस बार किसानों के चेहरों पर लौटी रौनक
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/नौहराधार (सिरमौर)। त्योहारी सीजन शुरू होते ही अदरक के दाम बढ़कर 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। इससे किसानों को चेहरों पर रौनक लौट आई है।
जिला सिरमौर में 1,600 हेक्टेयर पर अदरक की खेती हो रही है।
जिले के सैनधार, लानाचेता, शिलाई, राजगढ़ और पच्छाद क्षेत्रों के किसान इन दिनों अदरक की खोदाई मेंं व्यस्त हैं। यहां का अदरक दिल्ली सहित उत्तर भारत की मंडियों में पहुंच रहा है। लंबे अरसे बाद इस फसल के किसानों को उचित दाम मिल रहे हैं। अदरक आजकल 80 से 120 रुपये किलो तक बिक रहा है।
दरअसल, सिरमौर जिले में आधी सदी से अदरक मुख्य नकदी फसल के तौर पर उगाया जाता है यहां अधिकतर किसानों की आजीविका का मुख्य साधन अदरक है। पिछले कुछ वर्षों से इस फसल के दाम लगातार गिरने और रोग लगने की वजह से अब कम किसान ही इसके उत्पादन में जुटे हैं। कई किसानों ने इससे किनारा भी कर लिया है। अब कम किसान ही इसकी खेती कर रहे हैं। यही वजह है कि इसके दामों में उछाल आया है।
सिरमौरी अदरक अपनी गुणवत्ता और स्वाद के हिसाब से एशिया भर में प्रसिद्घ है और विदेशों में भी सिरमौर के अदरक और सौंठ की खासी मांग रहती है। बावजूद इसके अदरक के विपणन की अभी तक सरकारी व्यवस्था नहीं हो पाई है। न ही अदरक को समर्थन मूल्य मिल पाया है।
किसान मोहनलाल, रामगोपाल, पृथ्वीराज, सोहन दास, कमल राज आदि का कहना है कि फसल का जो लाभ किसानों को मिल सकता था, वह बिचौलियों और आढ़तियों की जेब में जा रहा है। लिहाजा किसान बार-बार फसल को समर्थन मूल्य घोषित करने और अदरक की खरीद की सरकारी व्यवस्था करने की भी मांग उठा रहे हैं।
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अदरक के दामों में उछाल आया है। 120 रुपये तक इसके दाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अदरक सिरमौर की मुख्य नकदी फसल है। जिले में 1,600 हेक्टेयर में इसका उत्पादन हो रहा है।
- डाॅ. राजेंद्र सिंह ठाकुर, कृषि उपनिदेशक, सिरमौर
खेतों से अदरक निकालने के बाद मिट्टी साफ करने में जुटा नौहराधार का एक किसान। संवाद