पांवटा साहिब (सिरमौर)। मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में कामगारों का शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। गोंदपुर की एक इकाई में झूठे आरोप व हटाए जाने पर मानसिक रुप से परेशान मजदूर ने आत्महत्या कर ली थी। अब, इसी इकाई ने मामूली गलती पर 4 कामगारों का गेट बंद कर दिया है। धमकाने, प्रताड़ित, शोषण करने व झूठे आरोप लगा कर नौकरी से हटाने की ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मजदूर नेता प्रदीप चौहान ने कहा कि इस बारे श्रम अधिकारी को लिखित शिकायत भेज दी है। इस इकाई को विदेशी कंपनी ने खरीद लिया है। इकाई में सैकड़ों कामगार कार्यरत हैं जिसमें बाहरी राज्यों से भर्ती कामगारों की संख्या काफी ज्यादा बताई जा रही है। एचआर के एक अधिकारी ने स्थानीय कामगारों को मामूली गलती पर बाहर निकालने व झूठे आरोप लगाने की प्रक्रिया से मजदूर डरे सहमें है। पहली बार मामूली गलती पर चेतावनी देकर प्रबंधन छोड़ देता है लेकिन 4 कामगारों का गेट बंद कर दिया है।
इस बारे प्रदेश सरकार, उद्योग मंत्री व श्रम अधिकारी को लिखित पत्र भेजा जा रहा है जिसमें इकाई प्रबंधन के एचआर अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने व हर हाल में हिमाचलियों को 70 फीसदी रोजगार की शर्त पूरी करने का आग्रह किया गया है, जिससे प्रदेश व जिला के शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध हो सके।
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