शिक्षा खंड कफोटा के तहत आने वाले मिडिल और प्राइमरी स्कूल गजौण में वीरवार को दोपहर दो बजे स्कूल में ताले जड़े हुए पाए गए। शिलाई के विधायक बलदेव तोमर उस क्षेत्र के दौरे पर थे जिन्होंने उक्त स्कूल में अचानक दबिश दे दी। जिन्होंने मौके पर स्कूल बंद पाया और बच्चों को मैदान में खेलते हुए देखा। विधायक की शिकायत के बाद शिक्षा उप निदेशक ने इस संदर्भ में स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
सतौन क्षेत्र के गजौण मिडिल और प्राइमरी स्कूल में शिक्षकों का टोटा है। दोनों स्कूल महज एक-एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। वीरवार को शिलाई के विधायक बलदेव तोमर ग्राम पंचायत ठोंठा जाखल गए थे। पंचायत के गजौण गांव से होकर वापस आते हुए उन्होंने अचानक स्कूल में दबिश दी। दोनों स्कूलों में बच्चे खेलते हुए पाए गए। जबकि स्कूलों के दरवाजों पर ताले लगे थे।
बच्चों से बात करने पर विधायक को पता चला कि शिक्षक दो बजे ही ताला लगाकर निकल गए हैं। विधायक ने स्वयं इसकी पुष्टि की है। विधायक बलदेव तोमर ने कहा कि यह सरकार की नाकामी है। सरकार ने रेवड़ियों की तरह स्कूल तो खोल दिए, लेकिन शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की। डेपुटेशन पर लिए गए शिक्षकों के सहारे चल रहे इन स्कूलों में बच्चों का भविष्य दाव पर लगा हुआ है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार मिडिल स्कूल में एसएमसी से शिक्षक की तैनाती हुई है तो प्राइमरी स्कूल में डेपुटेशन पर शिक्षक की तैनाती हुई है। वहां तैनात एक शिक्षक से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि आज वह छुट्टी पर थे। उनकी जगह किसी और ने जाना था, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उधर, विधायक बलदेव तोमर ने इस पूरे मामले से उप निदेशक को अवगत करवा दिया है। उप निदेशक ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में गैर हाजरी पर जवाब मांगा है।