-पांवटा साहिब में जंगल को आग से बचाने के लिए किया जा रहा जागरूक
-वन विभाग ने भंगानी रेंज के अंतर्गत किया लोगों को जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरुवाला (सिरमौर)। वनों को आग से बचाने के लिए गांव-गांव में वन अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। यह अभियान मुख्य रूप से राज्य वन विभाग ने ग्राम पंचायतों, वन विकास समितियों, महिला समूहों और स्थानीय स्वयंसेवक समूहों के सहयोग से शुरू किए हैं।
एसीएफ वन मंडल पांवटा आदित्य शर्मा ने बताया कि वन प्रचार मंडल, वन विभाग हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में भंगानी रेंज के अंतर्गत डांडा बीट, कंडेला और सालवाला बीट, बायकुआं तथा खोड़ोवाला सहित विभिन्न स्थानों पर वन अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि गिरिपार भंगानी वन परिक्षेत्र अधिकारी सुमंत कुमार की अध्यक्षता में यह अभियान लगातार चल रहा है। इसमें भंगानी रेंज की वन समितियों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जंगलों में आग लगने के कारणों और उससे होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना है। लोगों से अपील की गई कि वे वन क्षेत्र के आसपास बीड़ी-सिगरेट या जलती हुई माचिस की तीली न फेंकें और जंगल में सूखी घास या कचरा जलाने से बचें, विशेषकर वर्तमान के गर्म और शुष्क मौसम में।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं जंगल में आग लगती हुई दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके। शिविर में बीओ वीरेंद्र चौहान, वीरेंद्र शर्मा और अर्जुन सिंह सहित वन अग्नि सुरक्षा टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि जंगलों में आग लगने से मिट्टी में मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, बहुमूल्य जड़ी-बूटियां और चारे वाली घास समाप्त हो जाती है। वन्य जीवों का आवास और भोजन प्रभावित होता है। इसके चलते वन्य जीव जंगल छोड़कर खेतों और रिहायशी क्षेत्रों की ओर रुख करने लगते हैं।
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