पीजीआई चौक से नया गांव जाने वाली सड़क
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नाहन निर्वाचन क्षेत्र की 15 हरिजन बस्तियों में न सड़क सुविधा है और न पैदल पुलों का आज तक निर्माण किया गया। आखिर केंद्र एवं हिमाचल सरकार की ओर से इन बस्तियों के लिए करोड़ों रुपये दिए जा रहे हैं। आखिर वह बजट कहां लग रहा है। विशेष बात यह है कि यह सभी बस्तियां नाहन निर्वाचन क्षेत्र के ऐसे नदी नालों और खालों के उस पार है जिनमें आमजन से लेकर स्कूली बच्चों को पैदल चलना पड़ता है। बरसात में यह खाले जानलेवा साबित हो रहे हैं।
कालाअंब से जिला परिषद सदस्य विनय कुमार ने इन 15 हरिजन बस्तियों की सूची उपायुक्त बीसी बडालिया को सौंपते हुए बताया कि सैकड़ों स्कूली बच्चे और हजारों ग्रामीण भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
हरिजन बस्ती पंचायत पालियों के तेलपुरा में, बर्मा पापड़ी के नेरों हरिजन बस्ती के लिए लिंक रोड एवं पैदल पुल की सख्त जरूरत है। इसी प्रकार कौंलावालाभूड़ के सादड़ एवं बनेठी पंचायत के डगजार हरिजन बस्ती के लिए लिंक रोड निर्माण की सख्त जरूरत है। त्रिलोकपुर पंचायत की मीरपुर हरिजन बस्ती के लिए लिंक रोड, बर्मा पापड़ी पंचायत के कंडईवाला हरिजन बस्ती के लिए लिंक रोड एवं फुट ब्रिज की आवश्यकता है।
इसके अलावा बर्मा पापड़ी के गदपेला, सुरला पंचायत के तारापुर, बनेठी पंचायत के बजयोण, सुरला पंचायत के डेहू, ग्राम पंचायत कौंलावालाभूड़ के बाड़ीवाला रामपुर, नावणी जमटा पंचायत के घड़ात क्यार, त्रिलोकपुर पंचायत के खरकों एवं देवका पुड़ला पंचायत की पुड़ला हरिजन बस्ती के लिए लिंक रोड की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि इन 15 हरिजन बस्तियों को प्राथमिकता के आधार लेकर जिला प्रशासन विकास के लिए धन मुहैया करवाएं ताकि बरसों से बेहद कठिनाई की जिंदगी जी रहे यहां के हजारों ग्रामीणों को लाभ मिल सके। उपायुक्त बीसी बडालिया ने जिप सदस्य विनय कुमार की ओर से इस प्रकार का ज्ञापन मिलने की पुष्टि की।