नाहन (सिरमौर)। कोरोना संकट के बीच विद्युत उपमंडल नाहन के अंतर्गत लगभग 7000 बिजली उपभोक्ताओं को जोर का झटका लगा है। वर्ष 2003 से पहले के सभी उपभोक्ताओं को अब नए रेट के अनुसार विद्युत कनेक्शन की सिक्योरिटी देनी होगी। बोर्ड ने इसके लिए करीब 7000 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं। बोर्ड के आंतरिक ऑडिट के बाद बोर्ड ने इसका फैसला लिया है।
बोर्ड के अनुसार वर्ष 2003 से पहले विद्युत की दर्रें बेहद कम थीं। उपभोक्ताओं से 60 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से सिक्योरिटी ली गई लेकिन वर्तमान में यह दाम 170 रुपये प्रति किलोवाट पहुंच गए हैं। लिहाजा, बिल की राशि को सुरक्षित करने के लिए नाहन विद्युत उपमंडल में हुए आंतरिक ऑडिट के बाद सिक्योरिटी नई दर के तहत लेने का फैसला लिया गया। ऑडिट के लिए बोर्ड की विशेष टीम नाहन आई थी। इसके बाद बिजली बोर्ड ने 2003 से पहले कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर सिक्योरिटी जमा करने का फरमान जारी किया है। यह राशि अलग से रानीताल स्थित कार्यालय में जमा करवानी होगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को 15 दिन का समय दिया गया है। हालांकि, सिक्योरिटी में पुरानी दर को घटा दिया गया है।
-----------
बॉक्स के लिए--
सिक्योरिटी पर मिलेगा ब्याज
सिक्योरिटी राशि उपभोक्ताओं की अपनी रकम होगी। कनेक्शन काटने पर बाकायदा यह उन्हें वापस लौटाई जाएगी। जबकि इस पर मिलने वाले ब्याज को हर वर्ष बिजली बिल में समायोजित किया जाएगा। बिजली का बिल ब्याज की राशि को घटाकर दिया जाएगा।
---------
रानीताल कार्यालय में होगा सिक्योरिटी राशि का भुगतान
विद्युत उपमंडल में कुल 12000 उपभोक्ता हैं। इनमें से वर्ष 2003 से पहले कनेक्शन लेने वाले करीब 7000 उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे गए हैं। इन्हें नई दर के अनुसार सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। यह एक तरह से एड्वांस बिल के रूप में बोर्ड के पास जमा रहेगी। इंटरनल ऑडिट के लिए आई टीम ने यह सिक्योरिटी तय की है। इसका भुगतान अलग से रानीताल कार्यालय में होगा।
-केपी सिंह, सहायक अभियंता बिजली बोर्ड नाहन उपमंडल।