सराहां (सिरमौर)। हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के पैतृक गांव से सटे स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी चल रही है। यहां रावमापा बसाहां में प्रवक्ताओं और दूसरे अध्यापकों के आठ पद रिक्त चल रहे हैं जिस कारण स्कूल के विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा नहीं मिल रही है। विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में पड़ गया है। यहां शिक्षकों की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है।
बता दें कि हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह के पैतृक गांव चनालग के साथ ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाहां है। यहां हिमाचल निर्माता खुद भी शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं। इस स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी चल रही है। यहां महत्वपूर्ण विषय के कई पद रिक्त पड़े हैं। स्कूल में गणित, फिजिक्स, केमेस्ट्री, इतिहास और हिंदी के प्रवक्ता के पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा स्कूल में डीपी, भाषा अध्यापक और पीईटी का पद भी खाली पड़ा हुआ है।
इस स्कूल में वर्तमान में 142 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जिनको गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा नहीं मिल रही है। क्षेत्र के रमेश शर्मा, एसएमसी प्रधान अनिल धीमान, रणवीर सिंह, करुणा कुमारी, सुदर्शन शर्मा और सहदेव ने कहा कि स्कूल में प्रवक्ता के और अध्यापकों के तीन पद रिक्त चल रहे हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
अध्यापकों की कमी के कारण बच्चे सराहां या नाहन की ओर पलायन कर रहे हैं। यदि स्कूल में विज्ञान संकाय के प्रवक्ता और अध्यापक के पद भरे जाते हैं तो आसपास के क्षेत्र के कई बच्चें यहां शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से स्कूल में रिक्त पड़े सभी शिक्षकों के पदों को भरने की मांग की है। स्कूल के प्रधानाचार्य बछितर सिंह ने बताया कि स्कूल में रिक्त पड़े पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
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